कर्नाटक के सियासी उबाल के बाद अब बुधवार को नयी सरकार का गठन होने जा रहा है। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन को सरकार बनाने का न्यौता दिया है। इसी क्रम में मंत्रिमंडल को लेकर कांग्रेस और जेडी (एस) के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है। नई सरकार में 33 मंत्री शपथ ले सकते हैं।
सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एचडी कुमारस्वामी सोमवार को सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली में मुलाकात करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, जेडीएस को 13 मंत्री के पद कांग्रेस को 20 मंत्री पद मिल सकते हैं। वहीं, कांग्रेस के जी परमेश्वर को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।
कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए कहा, "कल मैं दिल्ली जा रहा हूं। मैं राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात भी करूंगा। शपथ लेने के 24 घंटों के अंदर मैं बहुमत साबित कर दूंगा।"
बता दें कि जी परमेश्वर कांग्रेस का दलित चेहरा माने जाते हैं। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष परमेश्वर सन 2015 से 2017 तक कर्नाटक के गृह मंत्री रहे हैं। परमेश्वर कांग्रेस पार्टी के संगठन में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाते रहे हैं। वह सन 1989 से 1992 तक कर्नाटक कांग्रेस के ज्वाइंट सेक्रेटरी भी रहे। इसके बाद सन 1992 से 1997 तक वे प्रदेश कांग्रेस के महासचिव पद पर रहे। साल 1997 में उन्हें पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया और वह इस पद पर 1999 तक रहे। साल 2010 में उन्हें कर्नाटक कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।
पार्टी 23 मई को होने वाले शपथग्रहण समारोह से पहले इसे अंतिम रूप देना चाहती है। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत भी आज दिल्ली पहुंचेंगे और पार्टी अध्यक्ष से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। ये दोनों नेता बंगलूरू में ही कैंप कर रहे थे। वहीं, कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि सब कुछ रविवार को दिल्ली में तय होगा। माना जा रहा है कि सत्ता हिस्सेदारी फॉर्मूले के तहत कांग्रेस को डिप्टी सीएम का पद और 20 मंत्रालय मिल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारी राजनीतिक ड्रामे बाद बहुमत परीक्षण से पहले ही बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वह महज 55 घंटे के सीएम रहे।