हाल के कुछ उपचुनावों में कांग्रेस को मिली जीत के उत्साह को पूर्वोत्तर के नतीजों ने भले ही ठंडा कर दिया हो, लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि इनका असर कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनावों पर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस यहां हर हाल में अपना किला बचा लेने को लेकर आश्वस्त है। पार्टी के एक नेता ने दावा किया कि पूर्वोत्तर में भाजपा की जीत ‘असामान्य’ है, लेकिन यह कांग्रेस के देशव्यापी उदय को प्रभावित नहीं करेगी।
'पूर्वोत्तर में भाजपा की जीत ‘असामान्य’ लेकिन कांग्रेस के देशव्यापी उदय को प्रभावित नहीं करेगी'
भले ही कांग्रेस मेघालय में बहुमत पाने में नाकाम रही हो और त्रिपुरा व नगालैंड में उसे एक भी सीट न मिली हो, इसके बावजूद पार्टी नेताओं का कहना है कि वे इन नतीजों से परेशान नहीं हैं। पार्टी कर्नाटक में जीत को लेकर आश्वस्त है। पार्टी सूत्रों ने जोर देकर कहा कि पूर्वोत्तर की अपनी मजबूरियां हैं। इनका दक्षिण भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में शनिवार को आए नतीजों से पार्टी में मायूसी है। कोई भी नेता इन पर बात नहीं कर रहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हाल के उपचुनावों में मिली जीत तथा गुजरात में प्रदर्शन से कांग्रेस में उत्साह था लेकिन पूर्वोत्तर के नतीजों ने उस उत्साह को ठंडा कर दिया है।
पार्टी के महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों के नतीजों का कर्नाटक में कांग्रेस की संभावनाओं पर असर नहीं पड़ेगा और पार्टी वहां आराम से बहुमत पा लेगी। हम निश्चित ही कर्नाटक में अपनी सरकार बनाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या जेडीएस और बीएसपी के गठजोड़ का पार्टी की संभावनाओं पर असर पड़ेगा, उन्होंने कहा, मैं नहीं मानता कि इसका कोई असर होगा। हम आसानी से सरकार बना लेंगे। उधर, पार्टी प्रवक्ता और रिसर्च सेल के इंचार्ज राजीव गौडा ने कहा, पूर्वोत्तर के नतीजे ‘असामान्य’ हैं। देश भर में माहौल भाजपा के खिलाफ है। पूर्वोत्तर में भाजपा का उभार दलबदल और भ्रष्ट राजनेताओं को बढ़ावा देने जैसा है।