कर्नाटक विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता मतदाताओं को भुनाने में लग चुके हैं। मतदान से ठीक कुछ घंटे पहले गुरुवार को कांग्रेस ने बीजेपी नेता बी. श्रीराम मालू के खिलाफ 2010 में किए गए स्टिंग का एक वीडियो जारी किया, जिसमें श्रीराम मालू और पूर्व मुख्य न्यायाधीश के दामाद का खनन के एक मामले में मनमुताबिक फैसले के लिए पैसे लेन देन की बात कर रहे हैं।
बीजेपी पर चौतरफा वार करने के लिए कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से भी मुलाकात की। चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बातचीत की और कहा कि वीडियो में दिख रहे बीजेपी नेता सहित उनके साथ दिख रहे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
बता दें कि इस वीडियो के सामने आने के बाद कर्नाटक की राजनीति और गरमा गई है। वीडियो लीक होने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने इस वीडियो के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। कपिल सिब्बल ने बीजेपी के उम्मीदवार पर हमला करते हुए कहा कि श्रीराम मालू जिस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं उनकी उम्मीदवारी वहां से खत्म की जानी चाहिए यही नहीं वहां का चुनाव रद्द होना चाहिए। यही नहीं उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। यही नहीं सिब्बल ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से कहा कि जिस तरह से कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नफरत फैला रही है वह घातक है।