कर्नाटक में कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव होने वाला है। ऐसे में चुनाव आयोग भी खुद के सख्त होने का दावा कर रहा है। नोटबंदी के बाद ऐसा माना जा रहा था कि अब कालाबाजारी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी लेकिन कर्नाटक चुनाव पर इसका कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव का दिन जैसे जैसे करीब आ रहा है, वैसे वैसे वहां कैश और ज्वैलरी की बरमादगी तेज होती जा रही है।
आयोग का कहना है कि आयकर विभाग ने पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार कई गुना ज्यादा ज्वैलरी और कैश की धड़पकड़ की है। मंगलवार को भी बंगलूरू के करीब नेलामनगाला में पुलिस ने बड़ी मात्रा में कैश जब्त किया था। आयोग के मुताबिक अब तक 128 करोड़ रुपए का कैश पकड़ा जा चुका है। वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि पिछले चुनाव (2013) में 14 करोड़ रुपए पकड़े गए थे।
इससे पहले के रिकॉर्ड के मुताबिक कर्नाटक में 20 दिनों में 34 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। वहीं अब 10 दिनों में आयकर विभाग द्वारा ये आंकड़ा 128 करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 के लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो 28 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे।