1-शिकारीपुरा: मध्य कर्नाटक की इस सीट पर भाजपा के बीएस येदियुरप्पा उम्मीदवार हैं।
2-वरुणा: मैसूर जिले की इस सीट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे उम्मीदवार हैं।
3-चामुंडेश्वरी: मैसूर जिले की इस सीट से सीएम खुद मैदान में हैं।
4-बादामी: अपनी प्राचीन गुफाओं के लिए मशहूर उत्तर कर्नाटक की इस सीट से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ रहे हैं। सीएम की कुरुबा जाति का यहां दबदबा है।
5-हुबली: धारवाड़ जिले की इस सीट से नेता विपक्ष एवं पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार उम्मीदवार हैं।
6-चित्तपुर: कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक यहां से उम्मीदवार हैं।
7-मांड्या: कावेरी जल बंटवारे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गढ़ रही इस सीट पर भी राजनीतिक पंडितों की नजर है।
8-रामनगरम और चन्नपटना: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी इन दो सीटों से लड़ रहे हैं।
9-बेल्लारी: खनन घोटाले में फंसे रेड्डी बंधुओं के एक भाई जी सोमशेखररेड्डी यहां से मैदान में हैं।
10- भटकल: आतंकी भाइयों यासीन और रियाज भटकल के कारण मशहूर इस सीट पर भी सबकी नजरें हैं।
असली मुद्दे गायब ः
चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के सामने खड़े असली मुद्दे पर्दे के पीछे चले गए। इस दौरान महादयी और कावेरी नदियों के जल के बंटवारे का मामला, रोजगार, सड़क, पेयजल एवं बिजली से जुड़े स्थानीय मुद्दों को कोई तरजीह ही नहीं दी गई। इसके बजाय भावनात्मक मुद्दों को उछालने की कोशिश की गई।
- कांग्रेस ने केंद्र पर उत्तरी राज्यों को तरजीह देने और दक्षिण के राज्यों से भेदभाव का आरोप लगाया।
- कांग्रेस ने भाषा, संस्कृति, विचारधारा के आधार पर राज्य को कम आर्थिक मदद का आरोप लगाया।
- लिंगायत को धार्मिक आरक्षण का प्रस्ताव रख भाजपा के परंपरागत वोटबैंक में सेंधमारी की कोशिश की।
- महिला सुरक्षा, दलित उत्पीड़न, रोजगार, किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेर्रा।
- राफेल, नीरव मोदी, विजय माल्या के बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर राहुल गांधी ने खूब किए हमले।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2013
विधानसभा सीट - 224
सामान्य - 173
एससी - 36
एसटी - 15
वर्ष मतदान (प्रतिशत में)
2013 - 71.45
चुनाव परिणाम (2013 में)
कांग्रेस - 122
भाजपा - 40
जनता दल (सेक्यूलर) - 40
केजेपी - 6
निर्दलीय - 9
अन्य - 8
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2008
कुल सीट - 224
सामान्य सीट - 173
एससी - 36
एसटी - 15
वर्ष - मतदान (प्रतिशत में)
2008 - 64.68
चुनाव परिणाम
भाजपा - 110
कांग्रेस - 80
जद यू (सेक्यूलर) - 28
निर्दलीय - 6
भाजपा 2008 से 2013 तक राज्य की सत्ता पर काबिज रही, लेकिन अंदरूनी कलह और भ्रष्टाचार के मामलों के कारण कर्नाटक को स्थिर सरकार नहीं दे पाई। पांच साल में बने तीन सीएम में एक बीएस येदियुरप्पा को भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भी जाना पड़ा था। सीएम सिद्धारमैया का कहना है कि इतिहास उनके खिलाफ है, लेकिन वह इतिहास रचेंगे। सिद्धारमैया समेत चार पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव मैदान में हैं।
भाजपा ने इतिहास को दोहराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। पार्टी ने अपना प्रचार अभियान 150 सीटों के लक्ष्य के साथ शुरू किया। हालांकि, ये दीगर बात है कि बृहस्पतिवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 130 सीटों पर जीत का दावा किया। 2013 के उलट केजेपी बनाने वाले येदियुरप्पा और बीएसआर कांग्रेस का गठन करने वाले बी. श्रीरामुलु इस बार भाजपा के साथ हैं। भाजपा के लिए पीएम ने खुद अभियान की कमान संभाली तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आक्रामक नजर आए।
अस्तित्व बचाए रखने को लड़ रहा है जद (एस)
ज्यादातर सर्वेक्षणों के मुताबिक, इस बार राज्य में कांग्रेस और भाजपा मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं, जबकि जद (एस) किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रहा है। कांग्रेस पंजाब के बाद दूसरे बड़े राज्य में अपनी सरकार बचाने का संघर्ष कर रही है, तो भाजपा एक और राज्य की सत्ता पर काबिज होने की जद्दोजहद में है। एक दशक से राज्य की सत्ता से बाहर जद (एस) अस्तित्व को बचाए रखने की कोशिश कर रहा है।