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कर्नाटक चुनाव 2018: नोटबंदी के बाद भी नहीं रुकी कालाबाजारी, तीन गुना पकड़ा गया कैश

Tue, 01 May 2018 02:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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नोटबंदी के बाद ऐसा माना जा रहा था कि अब कालाबाजारी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी लेकिन कर्नाटक के विधानसभा के चुनाव पर इसका कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दिन जैसे जैसे करीब आ रहे हैं वैसे वैसे वहां कैश और ज्वैलरी की धड़ पकड़ तेज होती जा रही है। 
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चुनाव आयोग का कहना है कि आयकर विभाग ने पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार तीन गुना ज्यादा ज्वैलरी और कैश की धड़पकड़ की है। मंगलवार को भी बंगलूरू के करीब नेलामनगाला में पुलिस ने बड़ी मात्रा में कैश जब्त किया है। कार के ड्राइवर से पुलिस सवाल जवाब कर रही है। पकड़ा गया कैश कितना है इसका पता गिनती के बाद ही चल सकेगा। 

चुनाव आयोग ने कहा है कि पिछले चुनावों की तुलना में इस बार कई गुना अधिक कैश जब्त किया गया है जो मतदाताओं को बांटने के लिए रखा गया था। 2013 के चुनाव प्रचार के दौरान आयकर विभाग ने करीब 4.97 करोड़ रूपये और 3.14 करोड़ रूपये की ज्वैलरी जब्त की थी। 
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कर्नाटक में महज 20 दिनों में 34 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। जबकि 2013 में चुनावी आचार संहिता के दौरान सिर्फ 14 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान 28 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। 
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12 मई को कर्नाटक में चुनाव होने हैं

cash-karnatka
चुनाव आयोग ने बताया है कि इस बार कर्नाटक में एक चरण में मतदान कराया जाएगा और अभी तक विभाग ने 19 करोड़ रुपये से ज्यादा के गिफ्ट भी जब्त किए हैं। इसमें साड़ी, लैपटॉप, घरेलू सामान जैसे हेलमेट और कुकर भी शामिल हैं। 2013 में ये आंकड़ा शून्य था और 2014 में सिर्फ 6.7 करोड़ रुपये का था। 

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक इस बार अब तक भारी मात्रा में नकदी, शराब, गिफ्ट और सोना पकड़ा गया है। इतना ही नहीं साल 2014 के मुकाबले इस बार तीन गुना ज्यादा गैरजमानती केस रजिस्टर्ड किए गए हैं। 

चुनाव अधिकारियों का कहना है कि 2013 में 50 दिनों की चुनाव आचार संहिता के दौरान 67,000 लीटर से ज्यादा शराब जब्त की गई थी। वहीं 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान 72 दिनों की चुनावी आचार संहिता के दौरान पुलिस ने लगभग 44,000 लीटर शराब पकड़ी थी। 

बता दें कि अभी 12 मई को कर्नाटक में चुनाव होने हैं और अभी एक हफ्ते का समय बचा हुआ है। चुनाव आयोग ने कहा कि इस बार आयकर विभाग राज्य में सघन कार्रवाई और जांच पड़ताल कर रहा है। यह पहली बार है कि राज्य में विभाग के पास दल बल पूरी तरह से मौजूद है। जिसकी वजह से हर जिले में विभाग लोगों पर नजर रख रहा है। यही वजह है कि जब पिछले हफ्ते भारत के कई राज्य नकदी की किल्लत से जूझ रहे थे तभी कर्नाटक में करोड़ों रूपये जब्त किए जा रहे थे। 
 

 
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