जद(एस) उम्मीदवार के चुनाव प्रबंधक योगेश दावा करते हैं कि अंबरीष को लेकर जो नाराजगी स्थानीय लोगों में है उसका फायदा जद(एस) के एम. श्रीनिवास को मिल रहा है और उनकी जीत तय है। योगेश यह भी कहते हैं कि टक्कर कांग्रेस के उम्मीदवार से है और भाजपा तीसरे नंबर पर रहेगी, लेकिन जद(एस) पाला बदलने की वजह से भाजपा उम्मीदवार को पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं का पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है। जिसका फायदा भी जद(एस) को मिलेगा।
योगेश के मुताबिक मंड्या वोक्कालिंगा बहुल क्षेत्र है जो पूरी तरह से जद(एस) का जनाधार हैं और मुस्लिम मतदाताओं का भी एक बड़ा वर्ग उनके साथ है। जबकि कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे के वोटों में सेंधमारी कर रहे हैं। हालांकि भाजपा कार्यकर्ता कृष्णमूर्ति को लगता है कि मोदी के नाम आखिरी वक्त में वह चुनाव नतीजे बदल सकते हैं।
लेकिन कांग्रेस समर्थक हरीश का दावा उससे उलट है। हरीश कहते हैं कि अंबरीष को लेकर स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की जो नाराजगी थी, प्रत्याशी बदलने से वो दूर हो गई है। साथ ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किसानों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए जो कल्याणकारी योजनाएं शुरू की उससे इन वर्गों का पूरा समर्थन कांग्रेस को है। साथ ही वोक्कालिंगा समुदाय के भी बड़े हिस्से का समर्थन कांग्रेस को मिल रहा है।
योगेश की ही तरह हरीश भी कांग्रेस उम्मीदवार की जीत का दावा करते हैं। वो भी मानते हैं कि मुकाबला जद(एस) से है और भाजपा उम्मीदवार तीसरे नंबर पर है। आम लोगों से भी बात करने पर ज्यादातर लोग मुकाबला कांग्रेस और जद(एस) के बीच बताते हैं। मंड्या की दूसरी सीटों पर भी कमोबेश कांग्रेस और जद(एस) के बीच ही मुकाबले की बात लोग करते हैं।
भाजपा का जिक्र करने पर कई लोग यह भी कहते हैं कि चुनाव प्रदेश के लिए हो रहा है। जब देश के लिए होगा तब हम भाजपा और मोदी के बारे में सोचेंगे। एसएम कृष्णा का नाम लेने पर लोग कहते हैं कि भले ही कृष्णा मंड्या से हैं,लेकिन उन्होंने क्षेत्र के लिए कुछ खास नहीं किया इसलिए उनके होने न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।