ईडी ने KPSC पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती मामले की जांच के तहत IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के बंगलूरू में मौजूद घर पर तलाशी ली। फ्लैट में ताला लगा था और अधिकारी मौजूद नहीं थे। करीब तीन घंटे इंतजार के बाद ईडी ने पुलिस और गवाहों की मौजूदगी में डुप्लीकेट चाबी से घर खोलकर तलाशी शुरू की है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के बंगलूरू स्थित जयमहल इलाके के आवास पर रविवार को तलाशी अभियान शुरू किया। ईडी की टीम करीब तीन घंटे तक फ्लैट के बाहर इंतजार करती रही। अधिकारी के घर पर मौजूद नहीं होने और फ्लैट में ताला लगा होने के कारण टीम को अंदर जाने में परेशानी हुई। बाद में स्थानीय पुलिस, पड़ोसियों और सरकारी कर्मचारियों की मौजूदगी में डुप्लीकेट चाबी बनवाकर फ्लैट खोला गया।
ईडी की टीम दोपहर करीब दो बजे तीन गाड़ियों से ज्ञानेंद्र कुमार के आवास पर पहुंची थी। घर पर ताला लगा था और अधिकारी भी वहां मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने सुरक्षा गार्ड से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन गार्ड ने बताया कि उसके पास घर में प्रवेश की अनुमति से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है। ज्ञानेंद्र कुमार का फोन भी बंद बताया गया। इसके बाद ईडी अधिकारियों ने फ्लैट की पहचान और वहां प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की।
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पड़ोसियों और पुलिस को बनाया गवाह
फ्लैट बंद होने के कारण ईडी अधिकारियों ने आसपास रहने वाले लोगों को मौके पर बुलाया। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में पड़ोसियों और सरकारी कर्मचारियों को तलाशी की प्रक्रिया के दौरान गवाह बनाया गया। अधिकारियों ने पहले यह सुनिश्चित किया कि फ्लैट ज्ञानेंद्र कुमार का ही आवास है। इसके बाद बंद घर को खोलने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत जरूरी इंतजाम किए गए।
चाबी बनाने वाले को बुलाया गया
ईडी की टीम ने बाद में वायलिकावल इलाके से एक चाबी बनाने वाले को मौके पर बुलाया। अशरफ नाम के चाबी बनाने वाले ने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी तैयार की। इस चाबी से दरवाजा खोला गया और ईडी अधिकारी अंदर दाखिल हुए। फ्लैट खुलने के बाद अधिकारियों ने तलाशी शुरू कर दी। इस दौरान स्थानीय पुलिस, पड़ोसी और सरकारी कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
KPSC भर्ती मामले से जुड़ी जांच
ईडी की यह कार्रवाई कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा से जुड़ी जांच के तहत बताई जा रही है। ज्ञानेंद्र कुमार इस परीक्षा की प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं और परीक्षा नियंत्रक के पद पर भी काम कर चुके हैं। इस मामले में ईडी इससे पहले शिवशंकरप्पा साहूकार के खिलाफ भी कार्रवाई कर चुकी है। जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
अधिकारी की गैरमौजूदगी पहले भी चर्चा में रही
इस मामले में पहले हुई ईडी की कार्रवाई के बाद ज्ञानेंद्र कुमार की गैरमौजूदगी भी चर्चा में आई थी। उनका फोन बंद होने और उनके दिल्ली जाने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बाद में स्पष्ट किया था कि ज्ञानेंद्र कुमार छुट्टी पर हैं। उन्होंने बताया था कि अधिकारी के पिता की तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने करीब एक सप्ताह की छुट्टी ली है।