कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासत एक बार फिर गरम है। ऐसी उम्मीद है कि दिल्ली आलाकमान के आदेश के बाद कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं और डीके शिवकुमार को सत्ता की बागडोर मिल सकती है। इस खबर के बाद से शिवकुमार के समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। मैसूर में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों ने विशेष पूजा और अनुष्ठान किए। समर्थकों ने गणपति मंदिर में नारियल फोड़कर डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की प्रार्थना की।
डीके शिवकुमार ने 40 वर्षों से कांग्रेस की सेवा की- लोकेश गौड़ा
मैसूर में कर्नाटक आर्मी के जिला अध्यक्ष तेजेश लोकेश गौड़ा ने कहा कि हमने डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के लिए पूजा की और नारियल फोड़े। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार, जिन्होंने पिछले 40 वर्षों से कांग्रेस पार्टी की सेवा की है, अब मुख्यमंत्री बनने का अवसर रखते हैं। हमने भगवान गणपति से प्रार्थना की कि वह एक अच्छे मुख्यमंत्री बनें।
कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों में दिखा उत्साह
वहीं, कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता उमा शंकर ने कहा कि डीके शिवकुमार कल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और हम इसे बड़े स्तर पर मनाने जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई में कहा कि कर्नाटक में हमेशा से शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा होती रही है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी किसे मुख्यमंत्री चुनती है, यह उनका आंतरिक मामला है।
नागपुर में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सिद्धारमैया की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिद्धारमैया हमारी पार्टी के बहुत वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर अच्छा काम किया है। वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करते हुए नए और युवा नेतृत्व को आगे लाना एक सकारात्मक कदम है। विधान परिषद चुनावों पर विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पहले उम्मीदवारों की घोषणा होने दीजिए। भाजपा ने अपनी सूची को अंतिम रूप दे दिया है, उसके बाद हम भी अपनी सूची जारी करेंगे।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की ओर से अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को अपने पद से इस्तीफा देने के फैसले की जानकारी देने पर कांग्रेस विधायक अल्लमप्रभु पाटिल ने कहा कि हम हाइकमान के फैसले का पालन करेंगे।
कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर खींचतान
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार गुट के बीच सत्ता की खींचतान चर्चा में रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, हाईकमान दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच संतुलन बनाते हुए फैसला ले सकती है। डीके शिवकुमार की कर्नाटक में लिंगायत और वोकलिगा समुदायों के बीच अच्छी पकड़ मानी जाती है। उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अगर वे मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह कर्नाटक कांग्रेस में नई शुरुआत मानी जाएगी।