उन्होंने ट्वीट किया कि बेलगावी के पुलिस महानिरीक्षक को जांच करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री बसवराज बोम्माई ने प्रदेश पुलिस के प्रमुख को घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कर्नाटक के सिंचाई मंत्री रमेश जार्कीहोली ने सीआरपीएफ के जवान की रिहाई की मांग की थी।
बेलगावी के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निम्बार्गी ने सावंत की गिरफ्तारी का बचाव किया है। उनके अनुसार, सदलगा थाने के कांस्टेबल 23 अप्रैल को गश्त ड्यूटी पर थे, जब उन्होंने सावंत को चिक्कोडी तालुक में अपने गांव की एक बेंच पर बैठे देखा। पुलिसकर्मियों को देखकर अन्य लोग भाग गए, लेकिन सावंत वहीं बैठे रहे।
जब कांस्टेबलों ने सावंत से सवाल किया कि वह जिले में लागू सीआरपीसी की धारा 144 का उल्लंघन क्यों कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वह भी एक पुलिसकर्मी हैं। निम्बार्गी ने बताया कि गश्ती दल ने उनसे नियमों का पालन करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पर सावंत गुस्सा हो गया, उसने एक कांस्टेबल का गिरेबान पकड़ा और उसे घूंसा मार दिया।