कर्नाटक के मंगलुरु में एक स्कूल की एक शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने छात्रों को महाभारत और रामायण को काल्पनिक बताया। पूरा मामला सेंट गेरोसा इंग्लिश एचआर प्राइमरी स्कूल का है।
दरअसल, भाजपा विधायक वेद्यास कामथ द्वारा समर्थित समूह ने आरोप लगाया कि सेंट गेरोसा इंग्लिश एचआर प्राइमरी स्कूल के एक शिक्षिका ने छात्रों को सिखाया कि महाभारत और रामायण काल्पनिक थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षिका ने पीएम मोदी के खिलाफ भी टिप्पणी की और उनके खिलाफ बोलते हुए 2002 के गोधरा दंगों और बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले का भी जिक्र किया।
समूह ने एक शिकायत में कहा, वह 'बच्चों के मन में नफरत की भावना पैदा करने की कोशिश कर रही थीं'। उन्होंने शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन किया और आज बीजेपी विधायक भी उनके साथ शामिल हो गए और शिक्षिका को निलंबित करने की मांग की।
भाजपा विधायक ने कहा, 'यदि आप इस प्रकार की शिक्षिका का समर्थन करने जा रहे हैं, तो आपके नैतिक दिशा-निर्देश का क्या हुआ है? आप उस शिक्षिका को क्यों रख रहे हैं? जिस यीशु की आप पूजा करते हैं वह शांति की कामना करता है। आपकी बहनें हमारे हिंदू बच्चों से बिंदी न रखने, फूल या पायल न पहनने के लिए कह रही हैं। उन्होंने कहा है कि भगवान राम पर दूध डालना बर्बादी है। अगर कोई आपकी श्रद्धा का अपमान करता है, तो आप चुप नहीं रहेंगे'।
शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर नहीं की गई दर्ज
इधर, बच्चों के माता-पिता ने दावा किया कि शिक्षिका ने कक्षा 7 के छात्रों को सिखाया था कि भगवान राम एक पौराणिक कथा का हिस्सा थे। हालांकि, सार्वजनिक निर्देश उप निदेशक (डीडीपीआई) मामले की जांच कर रहे हैं। स्कूल ने कथित टिप्पणी पर शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है।
स्कूल ने पत्र जारी किया जिसमें लिखा था, 'सेंट गेरोसा स्कूल का इतिहास 60 साल पुराना है। आज तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमारे बीच एक अस्थायी अविश्वास पैदा कर दिया है और हमारा कदम आपके सहयोग से इस विश्वास को फिर से बनाने में मदद करेगा। हम सभी छात्रों की बेहतरी के लिए मिलकर काम करेंगे'। फिलहाल, शिक्षिका के खिलाफ कोई एफआईआईआर दर्ज नहीं की गई है।