कर्नाटक विधानसभा ने कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया है। यह अयोग्यता 15 अप्रैल, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिस दिन उन्हें दोषी ठहराया गया था। विधानसभा ने 2 मई को इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की, जिससे धारवाड़ विधानसभा सीट रिक्त हो गई है।
अधिसूचना में क्या कहा गया?
अधिसूचना में कहा गया है कि कुलकर्णी की अयोग्यता उनकी रिहाई के बाद छह साल तक जारी रहेगी, जब तक कि किसी सक्षम अदालत द्वारा दोषसिद्धि पर रोक न लगा दी जाए। यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के प्रावधानों के तहत की गई है।
विधानसभा सचिव एम.के. विशालाक्षी ने बताया कि धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कुलकर्णी को दोषसिद्धि की तारीख से अयोग्य माना गया है। बेंगलुरु में सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों से निपटने वाली विशेष अदालत ने 15 अप्रैल को कुलकर्णी और 16 अन्य को भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
यह घटना 15 जून, 2016 को धारवाड़ में हुई थी। उस समय कुलकर्णी सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। भाजपा ने इस मामले को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया था। कुलकर्णी ने अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए अपील दायर की है और वर्तमान में बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं।
क्या था मामला?
योगेश गौड़ा की हत्या 15 जून, 2016 को धारवाड़ शहर में एक जिम में हमलावरों के एक समूह ने की थी। गौड़ा ने कुलकर्णी को राजनीतिक रूप से चुनौती दी थी। राज्य सरकार ने बाद में इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था। आरोप लगने के समय कुलकर्णी मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री के पद पर थे। कुलकर्णी को 2020 में गिरफ्तार किया गया था और 2021 में उन्हें जमानत मिली थी।
कुलकर्णी पर क्या आरोप लगे?
कुलकर्णी पर गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगा था, जिसके बाद सीबीआई ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग की। अदालत ने सीबीआई की याचिका स्वीकार कर ली और उनकी जमानत रद्द कर दी। इसके बाद कुलकर्णी ने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। उन्हें हाल ही में फिर से जमानत पर रिहा किया गया है। कुलकर्णी पर योगेश गौड़ा की हत्या की साजिश रचने का आरोप था।
अयोग्य ठहराने में देरी पर कांग्रेस से सवाल
विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर ने पहले कहा था कि उन्हें आजीवन कारावास की आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही कुलकर्णी को विधायक पद से अयोग्य ठहराने पर विचार किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने कुलकर्णी को विधायक पद से अयोग्य ठहराने में देरी पर कांग्रेस सरकार से सवाल उठाए थे। भाजपा ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। कुलकर्णी वर्तमान में कर्नाटक शहरी जल आपूर्ति और जल निकासी बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दायर की है।