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कर्नाटक: RSS की गतिविधियों पर प्रतिबंध को लेकर कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल, कहा- केवल वही नियम बनाए जो...

Sat, 18 Oct 2025 09:12 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक के एन राजन्ना ने शनिवार को सार्वजनिक स्थानों और सरकारी स्कूलों-कॉलेजों में आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की सफलता पर संदेह व्यक्त किया।
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कर्नाटक के पूर्व सहकारिता मंत्री के. एन. राजन्ना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक केएन राजन्ना ने शनिवार को सार्वजनिक स्थलों और सरकारी स्कूल-कॉलेजों में आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की योजना की सफलता पर संदेह जताया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार सड़कों पर नमाज पढ़ने के लिए मुसलमानों को अनुमति लेने को कहेगी? 

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कुछ महीने पहले मंत्री पद से बर्खास्त किए गए राजन्ना ने कहा कि केवल वही नियम बनाए जाने चाहिए जिन्हें लागू किया जा सके। सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर बिना पूर्व अनुमति के किसी भी कार्यक्रम पर रोक लगाने के राज्य सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वह देखेंगे कि इस नियम का कितना पालन होता है?

 राजन्ना ने कहा कि प्रियांक खरगे ने केवल यह कहा है कि आरएसएस अनुमति प्राप्त करने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर अपने कार्यक्रम आयोजित कर सकता है, लेकिन उन्होंने कभी भी पूर्ण प्रतिबंध का सुझाव नहीं दिया। हमें देखना होगा कि इसे किस हद तक लागू किया जा सकता है। अब हमारे पास ईदगाह है। वे (मुसलमान) सड़क पर ही नमाज पढ़ते हैं। क्या वे इजाजत लेते हैं? या अगर उनसे कहा जाए कि पहले इजाजत ले लो, तो वे सुनेंगे? विधायक ने कहा कि सिर्फ वही कानून बनाए जाने चाहिए जिन्हें लागू किया जा सके, वरना वे सिर्फ किताबों में ही रह जाएंगे।
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आरएसएस की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की तैयारी
कर्नाटक सरकार ने प्रदेश की किसी भी सरकारी संपत्ति या परिसर में निजी संगठनों के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। इस बाबत शनिवार को एक आदेश भी जारी किया गया। माना जा रहा है कि यह कदम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

इससे पहले, राज्य मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को यह फैसला लिया कि अब सरकारी स्कूलों, कॉलेज परिसरों और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। नए नियमों के तहत अब सार्वजनिक जगहों, सड़कों और सरकारी परिसरों में बिना अनुमति के पथ संचलन या शाखा नहीं लगाई जा सकेगी।

आदेश के अनुसार, इस विनियमन का उद्देश्य भूमि, भवन, सड़क, पार्क, खेल के मैदान और जलाशयों सहित सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण, सुरक्षा और उचित उपयोग सुनिश्चित करना है। हालांकि, कांग्रेस के विधायक केएन राजन्ना ने सरकार के इस कदम की सफलता पर संदेह जताया। मधुगिरी विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले राजन्ना ने जानना चाहा कि क्या सरकार मुसलमानों के लिए सड़कों पर नमाज पढ़ने से पहले अनुमति लेने को अनिवार्य करेगी। कुछ महीने पहले मंत्री पद से बर्खास्त किए गए विधायक ने कहा कि केवल वही नियम बनाए जाने चाहिए जिन्हें लागू किया जा सके।

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