कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रिजल्ट से एक दिन पहले ही रात को कांग्रेस ने अपने कुछ वरिष्ठ नेताओं को राज्य में भेज दिया था। ताकि राज्य में अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो उसकी तैयारी कर सकें या कुछ सीटें कम रहती हैं तो वह ऐसी स्थिति में पार्टी के समर्थन में कुछ जोड़तोड़ कर सकें। लेकिन आने वाले रूझानों में कांग्रेस के पक्ष में कुछ भी नहीं दिख रहा है। बल्कि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती नजर आ रही है।
कर्नाटक के किले को बचाने के लिए कांग्रेस ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद सोमवार रात को ही कर्नाटक पहुंच गए थे। इन्होंने विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले ही बेंगलूरु पहुंचकर कमान संभाल ली थी। जिससे हर हाल में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार को बचाया जा सके। जानकारी के मुताबिक इसके लिए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री व जेडीएस के नेता एचडी देवगौड़ा से भी संपर्क साधा था। ताकि कुछ सीटे कम रहें तो जेडीएस से हाथ मिलाकर राज्य में सरकार बनाई जा सके।
आपको बता दें कि गोवा और मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर चुनाव जीतने के बावजूद भी दोनों राज्यों में कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई थी। दोनों ही राज्यों में भाजपा ने जोड़तोड़ की राजनीति करके अपनी सरकारें बना ली थीं। राज्य मे दोबारा ऐसा न हो इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व ने कर्नाटक के मैदान में इन नेताओं को उतारा था।
जानकारी के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से गहलोत के पुराने संबंध हैं। जिसे देखते हुए गहलोत को यह जिम्मेदारी दी गई थी। राज्य में हुए चुनाव के बाद माना जा रहा था किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल रहा है। इन सभी समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने यह फैसला लिया था।