प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक की एक सहकारी समिति और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ गबन मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 84 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की है। ईडी के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि अटैच की गई संपत्ति में कृषि व गैर खेतिहर जमीन, इमारतें, रिहायशी फ्लैट और फैक्टरियां शामिल हैं।
ईडी के मुताबिक अटैच की गई संपत्तियां कनवा ग्रुप्स ऑफ कंपनीज के निदेशक एन ननजुंदैया, उनके परिवार के सदस्यों और कुछ संबंधी कंपनियों और कनवा सौहार्द कोऑपरेटिव क्रेडिट लिमिटेड के संस्थापक निदेशक हरीश एस के नाम पर हैं। इनका बाजार मूल्य 84.40 करोड़ रुपये है।
ईडी ने ननजुंदैया को पिछले साल अगस्त में बंगलूरू से गिरफ्तार किया था और वह अभी न्यायिक हिरासत में है। ईडी ने इस मामले में बंगलूरू की विशेष अदालत में एक पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया है। ईडी के मुताबिक सोसायटी के नाम पर आरोपी व उसके प्रवर्तकों ने लोगों से भारी रिटर्न का झांसा देकर 650 करोड़ रुपये जुटाए थे।
इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल कनवा ग्रुप के विभिन्न खातों में जमा किए गए और निवेशकों को उनकी मूल रकम तक वापस नहीं की गई। ननजुंदैया इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड है और उसने अकेले कनवा ग्रुप के खाते में 180 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए।