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Dharmasthala Case: केंद्रीय एजेंसी से जांच की बात पर कन्नी काट गए सिद्धारमैया, बोले-क्या NIA के लोग पुलिस हैं?

Fri, 05 Sep 2025 03:46 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू

सार

धर्मस्थल में विवाद उस समय भड़का जब शिकायतकर्ता सी.एन. चिन्नैया ने दावा किया कि बीते 20 वर्षों में कई शव, जिनमें यौन शोषण की शिकार महिलाओं के शव भी शामिल हैं, को यहां दफनाया गया। यह आरोप मंदिर प्रशासन की ओर इशारा करता था। हालांकि बाद में चिन्नैया को झूठे बयान देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
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सिद्धारमैया, सीएम, कर्नाटक - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक का धर्मस्थल मामला हर बीतते दिन के साथ तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा ने इस मामले में बड़ी साजिश का दावा करते हुए एनआईए या सीबीआई द्वारा जांच कराने की मांग की है। वहीं, सीएम सिद्धारमैया ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि हमने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। 

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शुक्रवार को धर्मस्थल मामले में एनआईए जांच की मांग पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हमने मामले में एक एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी खुद पुलिस है। क्या एनआईए में शामिल लोग पुलिस हैं?

पहले भी एनआईए की जांच से इनकार कर चुके हैं सिद्धारमैया
यह पहली बार नहीं है जबकि सीएम सिद्धारमैया ने मामले की एनआईए जांच से इनकार किया है, वे पहले भी इसे खारिज कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि धर्मस्थल में बीते 20 वर्षों में कथित दुष्कर्म, हत्याएं और शवों को दफनाने के गंभीर आरोपों की जांच के लिए एनआईए की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
धर्मस्थल में विवाद उस समय भड़का जब शिकायतकर्ता सी.एन. चिन्नैया ने दावा किया कि बीते 20 वर्षों में कई शव, जिनमें यौन शोषण की शिकार महिलाओं के शव भी शामिल हैं, को यहां दफनाया गया। यह आरोप मंदिर प्रशासन की ओर इशारा करता था। हालांकि बाद में चिन्नैया को झूठे बयान देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद, एसआईटी ने जांच के तहत नेत्रावती नदी किनारे जंगल क्षेत्रों में खुदाई की। यहां दो स्थानों पर कुछ हड्डियों के अवशेष मिले हैं।

स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की सिफारिश पर भी बोले सिद्धारमैया
आगे उन्होंने राज्य सरकार द्वारा राज्य चुनाव आयोग को स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की सिफारिश पर भी बात की। उन्होंने कई देशों का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने ईवीएम से चुनाव कराने का फैसला वापस ले लिया है। कर्नाटक सीएम ने कहा कि हम सोच रहे हैं कि स्थानीय चुनाव बैलेट पेपर से ही कराए जाने चाहिए।

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