कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि अगर पार्टी आलाकमान उन्हें बुलाता है तो वे दिल्ली जाएंगे। सीएम का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में जारी खींचतान पर कहा कि पार्टी आलाकमान इस पर फैसला करेगा।
कर्नाटक सरकार को ढाई साल का कार्यकाल पूरा
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को बीती 20 नवंबर को ढाई साल का वक्त पूरा हो गया। दरअसल जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई तो सिद्धारमैया के साथ ही डीके शिवकुमार भी सीएम पद के दावेदार थे। इसे लेकर कई दिनों तक खींचतान भी हुई और दोनों नेता दिल्ली भी गए थे। वहां पार्टी आलाकमान से चर्चा के बाद सिद्धारमैया का नाम तय हुआ था। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच ढाई-ढाई साल के लिए सीएम बनने की बात पर सहमति बनी। यही वजह रही कि अक्सर कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की खबरें सुर्खियों में रहीं।
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खरगे ने कहा- सभी से चर्चा के बाद होगा फैसला
अब जब ढाई साल का समय पूरा हो गया है तो नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का फैसला सभी से चर्चा के बाद लिया जाएगा। खरगे ने कहा कि मैं सभी को बुलाऊंगा और चर्चा करूंगा। राहुल गांधी भी इस चर्चा में शामिल रहेंगे। साथ ही अन्य सदस्य भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी वहां होंगे और सभी से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। पूरी आलाकमान से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।' कर्नाटक सरकार के मंत्री एचके पाटिल ने कहा कि 'जब भी उन्हें चर्चा के लिए बुलाया जाएगा, हम जाएंगे और सभी बैठकर चर्चा करेंगे।'