उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से तीन स्तरों पर निपटा जाना चाहिए, जिसमें फर्जी खबरें फैलाने वाले सिंडिकेट की पहचान, फर्जी खबरों के प्रसार पर रोक और ऐसे दोषियों के लिए कड़ी सजा शामिल है। फैक्ट चेक यूनिट में एक निगरानी समिति, नोडल अधिकारी, एक तथ्यान्वेषी समिति और एक क्षमता निर्माण टीम शामिल होने की संभावना है। खरगे ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किस तरह डीप फेक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए फर्जी खबरों की पहचान करना महत्वपूर्ण है और आश्वासन दिया कि आईटी/बीटी विभाग सहायता प्रदान करेगा। हालांकि, बाद के चरणों में इसे गृह विभाग के दायरे में आना चाहिए। राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने आग्रह किया कि आम आदमी को यह जागरूकता होनी चाहिए कि फर्जी खबरें फैलाना अपराध है।