कर्नाटक में विधानसभा सत्र से पहले 20 खाली मंत्री पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दिल्ली रवाना हो गए हैं। दोनों नेता कैबिनेट विस्तार पर कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि आलाकमान की मंजूरी के बाद इसी हफ्ते नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो सकता है।
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। दोनों नेता वहां कांग्रेस आलाकमान के साथ कैबिनेट विस्तार पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं ने मंगलवार सुबह एचएएल (HAL) हवाई अड्डे से एक विशेष विमान से राष्ट्रीय राजधानी के लिए उड़ान भरी।
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खाली पदों को भरने का दबाव
सिद्धारमैया के पद छोड़ने के बाद, इस साल 3 जून को डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तभी से कैबिनेट विस्तार की उम्मीद की जा रही थी। राज्य का विधानसभा सत्र 6 अगस्त से शुरू होने वाला है। ऐसे में कांग्रेस सरकार पर खाली पदों को जल्द भरने का दबाव है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में केवल 14 मंत्री हैं, जबकि 20 पद खाली पड़े हैं।
मंत्रियों की रेस और लॉबिंग
दिल्ली दौरे की खबर के बाद मंत्री पद पाने के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। कई दावेदार विधायक पहले से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, अल्पसंख्यक समुदाय, विशेष रूप से मुस्लिम नेता कम से कम चार मंत्री पद पाने के लिए दबाव बना रहे हैं। बी जेड जमीर अहमद खान भी कैबिनेट में जगह पाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।
शपथ ग्रहण और विधानसभा अध्यक्ष का फैसला
उम्मीद जताई जा रही है कि खाली पड़े 20 पदों में से अधिकांश को जल्द ही भर दिया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार या शुक्रवार को हो सकता है। इसके अलावा, कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक विधानसभा के नए अध्यक्ष का नाम भी तय करेगा। पिछले अध्यक्ष यू टी खादर ने इस्तीफा दे दिया था और वे शिवकुमार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बन गए हैं।