कर्नाटक में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में इजाफा किया गया है। सरकार ने 21 नए तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित करने की सहमति दे दी है। नए तालुकाओं के बढ़ने के बाद कर्नाटक में सूखा प्रभावित क्षेत्रों की कुल संख्या 216 हो गई है। बता दें, कर्नाटक के 31 जिलों में कुल 236 तालुके हैं, जिनमें से 216 तालुके सूखा प्रभावित घोषित कर दिए गए हैं।
सरकार ने केंद्र से मांगी इतने करोड़ रुपये की मदद
कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक की, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद, कर्नाटक के कानून और संसदीय मंत्री एच के पाटिल ने बताया कि कैबिनेट ने गुरुवार को 21 और तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया है। नई मंजूरी के पहले राज्य में कुल 195 सूखे तालुके थे। नए 21 तालुकों में से 10 गंभीर सूखे क्षेत्र हैं। सूखे के कारण कर्नाटक में 33,770 करोड़ रुपये के कृषि और बागवानी फसल में नुकसानी की संभावना है। इसके लिए केंद्र से 4,414 रुपये की राहत का दावा किया गया है। इसके अलावा, केंद्र से पशुधन नुकसान के लिए 355 करोड़ तो पेयजल राहत के लिए 554 करोड़ रुपये की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री को कार्यवाही में तेजी लाने के लिए नई दिल्ली का दौरा करने के लिए भी निर्देशित किया है।
कैबिनेट ने इन फैसलों को दी मंजूरी
पाटिल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने राज्य भर में 100 ग्रामीण अदालतें स्थापित करने की मंजूरी दी है। ग्राम अदालतें पंचायतों या पंचायतों के समूह के लिए स्थापित की जाएंगी, जो प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालतों के स्तर की ही होंगी। वहीं, कैबिनेट ने राज्य के 11 पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे प्रशिक्षण स्कूलों को मजबूत और सुसज्जित किया जा सके। अन्न भाग्य योजना के तहत लाभार्थियों को अतिरिक्त पांच किलो चावल के बदले नकद राशि प्रदान की जाएगी।