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कर्नाटक: कैबिनेट ने दी धर्मांतरण विरोधी विधेयक को मंजूरी, मंगलवार को विधानसभा में किया जा सकता है पेश

Mon, 20 Dec 2021 05:57 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

राज्य में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पर मुहर लगा दी गई। अब यह विधेयक कल विधानसभा में पेश किया जा सकता है।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक कैबिनेट ने सोमवार को विवादास्पद धर्मांतरण विरोधी विधेयक को मंजूरी दे दी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस विधेयक को कल यानी मंगलवार को विधानसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक को अनुमति दे दी गई। कैबिनेट बैठक के फैसलों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई क्योंकि प्रदेश में विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। 

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विपक्षी दल और ईसाई समुदाय के नेता इस प्रस्तावित विधेयक का विरोध करते हैं। कहा जा रहा है इस विधेयक में दंडात्मक प्रावधान भी किए गए हैं। इसके साथ ही अगर कोई व्यक्ति अपना धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो उसे दो महीने पहले उप आयुक्त के पास आवेदन करना होगा। लोगों के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की सुरक्षा करने के लिए लाए जा रहे इस विधेयक के तहत जबरदस्ती, धोखेबाजी से, लालच देकर या जबरन विवाह के माध्यम से धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए प्रावधान किए जाएंगे।

'गरीबों को लालच देकर उन्हें धर्म परिवर्तन की राह पर ले जाना ठीक नहीं'
इस विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री बोम्मई ने बीते दिनों कहा था कि धर्म परिवर्तन समाज के लिए ठीक नहीं है और कहा कि कमजोर लोगों को इसका शिकार नहीं होना चाहिए। कि हमारी सरकार लोगों को समस्याओं से बचाने के लिए धर्म परिवर्तन पर रोक सगाने के उद्देश्य से एक नया कानून लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के लोगों को इस कदम से डरने की जरूरत नहीं है। बसवराज बोम्मई ने कहा था कि आजादी के बाद से ही धर्म परिवर्तन मुद्दा बहस का विषय बना रहा है।
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उन्होंने कहा था, 'हिंदू, ईसाई, मुसलमान और सिख लोगों को संविधान ने पहचान दी है और लोग अपने धर्म के अनुसार प्रार्थना करें या धर्म का पालन करें, इसमें कोई भी समस्या नहीं है। हालांकि, किसी की गरीबी का इस्तेमाल कर उसे धर्म परिवर्तन कराने का लालच देना ठीक नहीं है।' इस बीच राज्य सरकार ने आने वाले दिनों में लव जिहाद पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक भी पेश करने के संकेत दिए हैं। यह विधेयक 13 दिसंबर से शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कल पेश किया जा सकता है।
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