कर्नाटक भाजपा ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे से बिना शर्त माफी की मांग की है। भाजपा ने प्रियांक खरगे पर प्रधानमंत्री पर निशाना साधने और अदालत के आदेश के बारे में जनता को गुमराह करने के लिए एआई तस्वीर शेयर कर फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है।
भाजपा ने प्रियांक खरगे पर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' पहल का मजाक उड़ाने का भी आरोप लगाया और उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। गौरतलब है कि एआई वाली तस्वीर पर सियासी बवाल होने पर खरगे ने विवादित पोस्ट डिलीट कर दी थी। इस पोस्ट में 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले का जिक्र था।
प्रियांक खरगे ने डिलीट की विवादित पोस्ट
प्रियांक खरगे ने विवाद बढ़ने पर एक अन्य पोस्ट में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'हालांकि पोस्ट में मौजूद तस्वीर एआई से बनाई गई हो सकती है और अनजाने में हुई चूक के कारण साझा की गई हो सकती है। लेकिन आपकी प्रसिद्धि पहले ही आप तक पहुंच चुकी है।' इस पोस्ट में उन्होंने एक और तस्वीर साझा की।
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जेल की सजा को निलंबित कर दिया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि वह पहले ही सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुके हैं।
फर्जी खबरें फैलाते हैं प्रियांक खरगे :भाजपा
वहीं, कर्नाटक भाजपा ने प्रियांक खरगे पर पलटवार करते हुए दावा किया कि स्वघोषित 'फैक्ट चेकर' प्रियांक खरगे फर्जी खबरें फैलाते हुए पकड़े गए। भाजपा ने पोस्ट में कहा, 'आईटी मंत्रालय संभालने के बावजूद खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने और अदालत के आदेश के बारे में जनता को गुमराह करने के लिए एक दुर्भावनापूर्ण एआई तस्वीर शेयर की।'
भाजपा ने आरोप लगाया, 'प्रियांक खरगे ने भारत की बेटियों को सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण योजना 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का शर्मनाक ढंग से मजाक उड़ाया। सस्ती राजनीति के लिए झूठ का इस्तेमाल करते हुए इसके अर्थ को तोड़-मरोड़ दिया।'
भाजपा ने साधा निशाना
खरगे पर तथ्यों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने उन पर हमला करते हुए कहा कि यह राहत अदालत का आदेश था, जिसे सीबीआई चुनौती दे रही है, न कि सरकार का फैसला था। भाजपा ने कहा, 'प्रियांक खरगे की पोस्ट उनकी ही सरकार के घृणास्पद भाषण विधेयक का उल्लंघन करता है, क्योंकि इसमें न्यायिक प्रक्रिया का उपहास करने के लिए सांप्रदायिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है।'
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए उस पर अपराधियों को सम्मानित करने और उन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'सबसे बड़ा मुद्दा यही है: भाजपा अपराधियों को सम्मानित और संरक्षण देना जारी रखे हुए है। कर्नाटक में पॉक्सो (POCSO) के आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? और इस नेता को अभी भी आपकी पार्टी के मार्गदर्शक और 'दिशा-निर्देशक' के रूप में क्यों पेश किया जा रहा है? क्या आप चाहेंगे कि मैं इसकी तथ्य-जांच करूं?'
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