राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र
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कर्नाटक भाजपा में फिलहाल सबकुछ ठीक नहीं हैं। इसकी बानगी तब हुई जब सोमवर को भाजपा के बागी नेताओं का एक गुट दिल्ली पहुंचा और राज्य इकाई के प्रमुख बी वाई विजयेंद्र को पद से हटाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से गुहार लगाई। इन बागी नेताओं ने मांग की है कि नड्डा सीधा हस्तक्षेप करके राज्य इकाई प्रमुख बी वाई विजयेंद्र को हटाएं।
रमेश जारकीहोली के नेतृत्व वाला विद्रोही गुट पहुंचा दिल्ली
विधायक रमेश जारकीहोली के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट में पूर्व विधायक कुमार बंगारप्पा और श्रीमंत पाटिल भी थे, दो दिनों तक रुकने और नड्डा के साथ मुलाकात करने की योजना के साथ दिल्ली पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक अरविंद लिंबावली और प्रताप सिम्हा के साथ-साथ बसनगौड़ा पाटिल यतना और बी पी हरीश सहित और विधायकों के शामिल होने की उम्मीद है।
ये हैं विजयेंद्र पर आरोप
विजयपुरा विधायक यतनाल के नेतृत्व में विद्रोही समूह ने हालिया उपचुनाव में हार का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि विजयेंद्र का नेतृत्व अप्रभावी रहा है। उन्होंने उन पर समायोजन की राजनीति करने और कांग्रेस सरकार के प्रति आक्रामक रवैया अख्तियार न खड़ा करने का आरोप लगाया।
विरोधी नेताओं ने दिया विजयेंद्र के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करने का संकेत
सूत्रों ने कहा कि विद्रोही आगामी राज्य पार्टी अध्यक्ष चुनावों से पहले नेतृत्व में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। इसी के चलते वे अपने मिशन की बाबत रणनीतिक तरीके से अपना कदम उठा रहे हैं। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर विजयेंद्र के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करने का संकेत दिया है। अगर ऐसा होता है तो इससे पार्टी की आंतरिक एकजुटता खतरे में आ जाएगी।
दिल्ली यात्रा से पहले विद्रोही नेता मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर भी पहुंचे थे। यहां उन्होंने मां के दर्शन कर अपने राजनीतिक मिशन के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा।