माना जा रहा है कि चिंचंसुर ने गुरमित्कल निर्वाचन क्षेत्र (Gurmitkal constituency) से विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा से टिकट मांगा था, लेकिन उन्हें टिकट से इनकार कर दिया गया क्योंकि वह वर्तमान में एमएलसी हैं। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है।
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एमएलसी बाबूराव चिंचंसुर ने सोमवार को राज्य विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधान परिषद के सभापति बसवराज होरात्ती को सौंपा। बसवराज होरात्ती ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
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माना जा रहा है कि चिंचंसुर ने गुरमित्कल निर्वाचन क्षेत्र (Gurmitkal constituency) से विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा से टिकट मांगा था, लेकिन उन्हें टिकट से इनकार कर दिया गया क्योंकि वह वर्तमान में एमएलसी हैं। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है।
होरात्ती ने एक अंग्रेजी समाचार पत्र से बात करते हुए कहा, "चिंचंसुर ने कहा कि वह अपना इस्तीफा सौंपने के लिए पिछले चार दिनों से मुझे ढूंढ रहे थे। सोमवार को उन्होंने मुझसे बंगलूरू में मेरे आवास पर मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। मैंने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और मैं ना नहीं कह सकता।"
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कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में कोली-कब्बालिगा समुदाय (Koli-Kabbaliga community ) के एक प्रमुख नेता चिंचंसुर के इस कदम से उनके अगले कदम के बारे में अटकलें लगाई जाने लगी हैं। चिंचंसुर कांग्रेस छोड़कर 2018 में भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख नेताओं में से एक के रूप में देखा गया था।