कर्नाटक में चन्नागिरी के भाजपा विधायक के मदल विरुपक्षप्पा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भाजपा विधायक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद से ही उनकी गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान लोकायुक्त के वकील ने जमानत अर्जी पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद एकल न्यायाधीश की खंडपीठ ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
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क्या है मामला?
लोकायुक्त की भ्रष्टाचार रोधी शाखा ने कुछ दिन पहले ही विधायक के बेटे प्रशांत मदल को 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। प्रशांत मदल को लोकायुक्त अधिकारियों ने उसके कार्यालय से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। करप्शन विंग को भाजपा विधायक के कार्यालय से 1.7 और घर से करीब छह करोड़ रुपये बरामद हुए थे। लोकायुक्त को रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद मदल विरुपक्षप्पा ने कर्नाटक साबुन और डिटर्जेंट लिमिटेड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
लगातार दो बार विधायक चुने जा चुके हैं मदल
मदल विरुपक्षप्पा लगातार दो बार दावणगेरे जिले के चन्नागिरी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में अपने हलफनामे में 5.73 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा किया था। 2013 के चुनावों में, उन्होंने 1.79 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी।
इसी साल होना है विधानसभा चुनाव
कर्नाटक में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में लोकायुक्त की कार्रवाई चर्चा विषय बना हुई है। भाजपा विधायक के बेटे के खिलाफ हुई ये कार्रवाई चुनावी मुद्दा भी बनी हुई है। इसे लेकर कांग्रेस और आप दोनों ही पार्टियां भाजपा पर हमलावर हैं।