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Karnataka: बंगलूरू मेट्रो किराया बढ़ोतरी पर रोक, शिवकुमार बोले- फैसला राज्य सरकार का, केंद्र की भूमिका नहीं

Tue, 10 Feb 2026 08:30 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

बंगलूरू मेट्रो किराए को लेकर केंद्र और कर्नाटक सरकार आमने-सामने हैं। ऐसे में अब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि किराया बढ़ोतरी रोकने का फैसला राज्य सरकार का है और केंद्र का इसमें कोई कानूनी अधिकार नहीं। उन्होंने किराए के आंकड़ों की दोबारा समीक्षा के निर्देश दिए।

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डीके शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री कर्नाटक - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक में बंगलूरू मेट्रो के किराए को लेकर सियासी और प्रशासनिक टकराव तेज होता जा रहा है। किराया बढ़ोतरी पर रोक के दावों के बीच अब जिम्मेदारी तय करने को लेकर केंद्र और राज्य आमने-सामने हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस पूरे मामले में कर्नाटक सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि बंगलूरू मेट्रो के किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को रोकने का फैसला राज्य सरकार ने खुद लिया है, इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र का इस मामले में न तो कोई अधिकार है और न ही दखल देने का कानूनी आधार।

कर्नाटक विधान सौधा में प्रेस वार्चा के दौरान शिवकुमार ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया पत्र कानूनी रूप से कोई मायने नहीं रखता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किराए से जुड़े आंकड़ों को दोबारा जांचा जाए और तब तक किराया बढ़ोतरी को रोका जाए।

दिल्ली में होने वाली बैठक भी टली

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डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्हें लगा था कि इस मुद्दे पर दिल्ली में बैठक होगी, लेकिन वह भी टल गई। जो लोग इस पर जीत का दावा कर रहे हैं, उन्हें पहले बैठक सुनिश्चित करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में हकीकत से ज्यादा राजनीति हो रही है। इसके साथ ही किराया निर्धारण समिति को लेकर उन्होंने कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे केंद्र सरकार किराया रोकने का निर्देश दे सके। अगर कोई नया फैसला लेना है तो नई किराया निर्धारण समिति बनानी होगी। उन्होंने कहा कि वे जनता की आवाज बनने के लिए काम कर रहे हैं।

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पुरानी किराया निर्धारण समिति ने लिया था फैसला 
डीके शिवकुमार ने बताया कि मौजूदा किराया बढ़ोतरी का फैसला एक साल पहले बनी पुरानी किराया निर्धारण समिति ने लिया था। राज्य सरकार ने न तो किराया बढ़ाने को कहा था और न ही इस पर कोई निर्देश दिए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फैसला हुआ था, तब आज बयान देने वाले नेता चुप क्यों थे।

भाजपा नेताओं द्वारा श्रेय लेने पर क्या बोले डिप्टी सीएम?
भाजपा नेताओं द्वारा किराया बढ़ोतरी रुकवाने का श्रेय लेने पर उन्होंने कहा कि कोई भी श्रेय ले ले, उन्हें फर्क नहीं पड़ता। उनका मकसद सिर्फ यह है कि न तो जनता पर बोझ पड़े और न ही मेट्रो को नुकसान हो। उन्होंने कहा कि वे किसी दबाव में काम नहीं कर रहे हैं। शिवकुमार ने बताया कि किराया तय करने के लिए कई बातें देखी जाती हैं, जैसे संचालन खर्च, महंगाई, कर्मचारियों की सैलरी, बिजली और अन्य लागत। इन सभी को दोबारा जोड़-घटा कर देखने के निर्देश दिए गए हैं।

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अन्य शहरों की तुलना पर क्या बोले शिवकुमार

अन्य शहरों से तुलना पर उन्होंने कहा कि बंगलूरू मेट्रो की तुलना दिल्ली या हैदराबाद से नहीं की जा सकती। दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा केंद्र सरकार संभालती है, जबकि बंगलूरू में राज्य सरकार करती है और उस पर जीएसटी भी देना पड़ता है। राज्य सरकार अब तक हजारों करोड़ रुपये मेट्रो को दे चुकी है। किराया बढ़ोतरी कब तक रोकी रहेगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी एक प्रक्रिया है और फिलहाल कोई समय-सीमा तय नहीं की जा सकती।

भाजपा पर भी साधा निशाना

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इसके अलावा उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ बंगलूरू मेट्रो को ही राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि अन्य शहरों के किराए पर कोई बात नहीं कर रहा। अंत में उन्होंने साफ किया कि जब तक नई किराया निर्धारण समिति नहीं बनती, तब तक न राज्य सरकार, न केंद्र सरकार और न ही बीएमआरसीएल किराया तय कर सकती है। फिलहाल सरकार वही करेगी, जो जनता के हित में संभव है।

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