कावेरी विवाद पर कर्नाटक विधानसभा ने प्रस्ताव पारित किया है। कर्नाटक राज्य और बेंगलुरू शहर के लोगों की जरूरतों को देखते हुए कावेरी का पानी साझा नहीं करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि साल 2016-17 के दौरान पानी की कमी को देखते हुए पानी का इस्तेमाल केवल राज्य के लोगों के पीने के लिए ही किया जाएगा।
प्रस्ताव में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि पानी की ये कमी जनवरी 2017 से दिखनी शुरू होगी। लोगों के पीने के पानी की जरूरत को देखते हुए कावेरी के पानी को तमिलनाडु के साथ साझा नहीं करेगा। कर्नाटक विधानसभा का मानना है कि कावेरी बेसिन के सभी चार जलाशयों कृष्णराजा सागर, हेमवती, काबिनिन और हरंगी निचले स्तर पर है। यह अब 27.6 टीएमसी के स्तर तक गिर चुका है।
बताते चलें कि बेंगलुरू और कर्नाटक में कावेरी बेसिन के अन्य शहरों और गांवों में पीने के पानी की कमी को देखते हुए कर्नाटक विधान सभा ने यह कदम उठाया है। सरकार हर कीमत पर इस पानी का इस्तेमाल सुनिश्चित करना चाहती है।