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जल्लीकट्टू के बाद भैंसों की दौड़ के लिए कर्नाटक में बिल पास

Mon, 13 Feb 2017 02:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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भैंसों की दौड़
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'कंबाला' (भैंसों की दौड़) को लेकर कर्नाटक में विवाद के बीच वहां की विधानसभा ने सोमवार को इसे लेकर बिल पास कर दिया। इसमें राज्य के तटीय इलाकों में परंपरागत भैंसों की दौड़ के संचालन की सुविधा दी जाएगी।
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तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के बाद भैंसों की दौड़ के लिए कर्नाटक में बिल पास के आयोजन की अनुमति से उत्साहित कर्नाटक में भी इसे लेकर बिल पास कर दिया गया है। बताते चलें कि 'कंबाला' पर बैन के बाद कई कमिटियों और कन्नड़ संस्थानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था।


'कंबाला' एक परंपरागत खेल है। इसमें भैंसों के जोड़े दलदली मैदान पर एक के बाद एक दौड़ लगाते हैं। इसका आयोजन बीमारियों से जानवरों की रक्षा के लिए भगवान को धन्यवाद देने के लिए किया जाता है। 
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एक्ट में किया अमेंडमेंट

भैंस
धीरे-धीरे यह एक संगठित खेल बन गया। इसके बाद जानवारों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली संस्थाआों का कहना है कि भैंस इस दौड़ में मार खाने के डर से दौड़ते हैं। हालांकि, आयोजनकर्ता इससे साफ इनकार करते हैं। उनका कहना है कि इसमें किसी तरह की हिंसा नहीं होती है। कई संशोधनों से यह सुनिश्चित किया जाता है कि यह एक पशु अनुकूल परंपरा है। 

कंबाला के खिलाफ प्रदर्शन के बीच कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। इसके बाद 28 जनवरी को कर्नाटक सरकार ने निर्णय लिया था कि वह पशु अधिनियम क्रूरता निवारण एक्ट में
संशोधन लाएगी और इस खेल को जारी रखेगी।
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