किसी राज्य की विधानसभा में ऐसा पहली बार हुआ है कि विधायकों के वेतन भत्तों को रोका गया है। कर्नाटक विधानसभा ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है कि जिससे विधायक दो जगहों से वेतन और अन्य भत्ता हासिल न कर लें।
विधानसभा के सचिवालय की ओर से जारी एक आदेश के मुताबिक अगर विधायक किसी बोर्ड या समिति के अध्यक्ष चुने गए हैं तो अब वो विधायकों को मिलने वाले वेतन भत्ते हकदार नहीं होंगे। इन बोर्ड्स के अध्यक्ष मंत्रियों के ओहदे के होते हैं। ऐसे में इन्हें इनकी सैलरी बोर्ड ही जारी करेंगे।
कर्नाटक विधानसभा के इस नए नियम से 21 विधायक प्रभावित होंगे। जारी आदेश के बाद तत्काल प्रभाव से इन्हें विधानसभा से मिलने वाले वेतन-भत्तों पर रोक लगा दी गई है।
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ऐसा उस वक्त से किया गया है जब से इन विधायकों की नियुक्ति किसी बोर्ड या समिति के अध्यक्ष पद पर की गई है। ये ऐतिहासिक फैसला एडवोकेट जनरल और अकांउटेंट जनरल की सलाह के बाद जारी किया गया है।