कर्नाटक विधानसभा से बाहर किए जाते विरोध कर रहे भाजपा विधायक।
- फोटो : पीटीआई
इसलिए हुई कार्यवाही
भाजपा विधायकों को उस समय में निलंबित किया गया है, जब वे विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास पहुंचे गए। विपक्षी विधायकों ने स्पीकर पर कागज फेंके। कर्नाटक में सार्वजनिक अनुबंधों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का भाजपा विधायक विरोध कर रहे थे। खादर ने निलंबन का आदेश पढ़ते हुए कहा, इस घटना से हमें बहुत ठेस पहुंची है। यह पीड़ादायी है। यह आसन सिर्फ कुर्सी नहीं है। यह लोकतंत्र, सत्य और न्याय का प्रतीक है। इस आसन से बोलना गर्व की बात है। हर सदस्य को इस आसन की गरिमा और पवित्रता की रक्षा करनी चाहिए। हममें से कोई भी आसन से ऊपर नहीं है। हमारी निजी भावनाएं इस आसन की गरिमा से ऊपर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमें प्रतिबद्धता, शांति और सभ्य तरीके से व्यवहार करना चाहिए। इस घटना से हमें सबक लेना चाहिए। हमें संविधान और इस आसन की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए।
कर्नाटक विधानसभा से बाहर किए जाते विरोध कर रहे भाजपा विधायक।
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अब ये काम नहीं कर पाएंगे भाजपा विधायक
निलंबन आदेश के अनुसार, अगले छह महीनों के लिए इन सदस्यों को विधानसभा हॉल, लॉबी और गैलरी में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा। उन्हें किसी भी स्थायी समिति की बैठक में भाग लेने और विधानसभा के एजेंडे में अपने नाम से कोई विषय या मामला सूचीबद्ध करने से भी रोक दिया जाएगा। इतना ही नहीं, निलंबन अवधि के दौरान उनके द्वारा जारी किए गए किसी भी निर्देश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। न ही उन्हें समिति के चुनावों में मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस अवधि के दौरान उन्हें कोई दैनिक भत्ता भी नहीं मिलेगा।
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कर्नाटक विधानसभा में विरोध कर रहे भाजपा विधायक।
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निलंबित विधायकों में ये हैं शामिल
निलंबित विधायकों में विपक्ष के मुख्य सचेतक डोड्डनगौड़ा एच पाटिल, अश्वथ नारायण सीएन, एसआर विश्वनाथ, बीए बसवराज, श्री एमआर पाटिल, चन्नबसप्पा (चन्नी), बी सुरेश गौड़ा, उमानाथ ए कोट्यान, शरणु सालगर, शैलेंद्र बेलडाले, सीके राममूर्ति, यशपाल ए सुवर्णा, बीपी हरीश, भरत शेट्टी वाई, मुनिरत्न, बसवराज मट्टीमूद, धीरज मुनिराजू और चंद्रू लमानी शामिल हैं।
सदन से 18 भाजपा विधायकों के निलंबन को कर्नाटक सरकार में मंत्री एम.बी. पाटिल ने सही करार दिया है। उन्होंने कहा कि सदस्यों का इस तरह से व्यवहार करना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने विधानसभा में सभी संभव उल्लंघन किए ऐसे में यह(निलंबन) 100% उचित है।
कर्नाटक विधानसभा में विरोध कर रहे भाजपा विधायक।
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स्थगित हुई कार्यवाही
गौरतलब है कि विधानसभा में आज की कार्रवाई हंगामे की भेंट चढ़ गई। दिन भर हनी ट्रैप और मुसलमान ठेकेदारों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे हंगामा होता रहा। इस दौरान भाजपा विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और कुछ विधायकों ने अपने हाथों में सीडी थामे हुईं थी, जिन्हें लेकर दावा किया गया कि उनके पास हनी ट्रैप को लेकर सबूत हैं। इसके बाद कुछ विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। इस दौरान विधायकों ने सभापति के आसन के पास पेपर फेंके। सदन में हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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18 विधायकों का निलंबन अलोकतांत्रिक : भाजपा
विपक्षी भाजपा ने शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा से 18 विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने की निंदा की और इस कदम को अलोकतांत्रिक बताया। पार्टी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निलंबित विधायकों के साथ घोर अन्याय करने का आरोप लगाया। भाजपा विधायक सरकारी अनुबंधों में मुसलमानों को चार फीसदी आरक्षण देने का विरोध कर रहे थे। भाजपा विधायकों ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में राज्यपाल से कर्नाटक सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता (संशोधन) विधेयक के माध्यम से अनुबंधों में मुसलमानों के लिए आरक्षण को अस्वीकार करने का आग्रह किया गया।