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आत्महत्या करने वाले किसानों को कायर कहने के बाद कर्नाटक के कृषि मंत्री ने दी सफाई, माफी मांगने से किया इनकार

Fri, 04 Dec 2020 01:03 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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BC Patil, Karnataka Agriculture Minister - फोटो : ANI
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कर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटिल ने किसानों को लेकर विवादित बयान देने के बाद सफाई दी है। बीसी पाटील ने कहा कि 'मैंने कहा था कि जो कोई भी आत्महत्या करता है वह कायर है, कभी नहीं कहा कि किसान कायर हैं। वे राष्ट्र की रीढ़ हैं। सरकार को उनकी देखभाल करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे आत्महत्या न करें। इतिहास कहता है कि आत्महत्या कायरता है। सिर्फ किसान ही नहीं, जो भी आत्महत्या करता है वह कायर है।'

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बीसी पाटील ने कहा कि 'कृषि मंत्री होने के नाते, मैंने किसानों के बारे में बात की। मैंने कहा है कि किसानों को आत्महत्या नहीं करनी चाहिए इसलिए माफी का कोई सवाल ही नहीं है। किसानों को एक अच्छा जीवन जीना चाहिए, यही हमारी मंशा है, इसके लिए हम अपना काम कर रहे हैं।'


बता दें कि पाटिल ने गुरुवार को कहा था कि आत्महत्या करने वाले किसान कायर हैं। कर्नाटक के कोडागु जिले के पोनमपेट में किसानों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जो किसान आत्महत्या करते हैं, वह कायर हैं। केवल वह डरपोक ही आत्महत्या करते हैं, जो अपनी पत्नी एवं बच्चों की देख-रेख नहीं कर सकते हैं। 

पाटिल पोनमपेट में बांस उत्पादकों को यह बता रहे थे कि कृषि व्यवसाय कितना लाभदायक है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ कायरों को इस बात का अहसास नहीं है और वे आत्महत्या करते हैं। अपनी बात के समर्थन में पाटिल ने एक महिला का उदाहरण दिया जिसने सोने की चूड़ियां पहन रखी थीं। 

मंत्री ने कहा कि जब मैने इस बात की जानकारी ली कि उनके हाथों में सोने की चूड़ियां कहां से आई है, आप जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा ? उन्होंने कहा कि इस धरती मां ने मुझे 35 साल की मेहनत के लिए यह दिया है। पाटिल ने पूछा, यह सब सुनकर आपको प्रसन्नता नहीं होती है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला पूरी तरह कृषि पर निर्भर है और सफलता प्राप्त करती है तो दूसरे किसान ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं।

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