कांग्रेस में मंत्री पदों को लेकर विधायकों के बीच विद्रोह की स्थिति के बाद कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के विधायकों की मंगलवार को बैठक होगी। बैठक में मंत्री पदों को लेकर जारी असंतोष पर चर्चा होगी।
वहीं राज्य की गठबंधन सरकार के दूसरे बड़े घटक जनता दल (सेक्युलर) में भी असंतोष झलकने लगा है। जेडीएस के दो मंत्री शुक्रवार देर रात हुए विभागों के बंटवारे में खुद को मिले पोर्टफोलियो को लेकर नाखुश दिखाई दिए हैं। जेडीएस सूत्रों का कहना है कि विभागों के बंटवारे में उच्च शिक्षामंत्री बनाए गए जीटी देवेगौड़ा और लघु सिंचाई मंत्री बनाए गए सीएस पुत्ताराजू ने अपने मंत्रालयों को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
चामुंडेश्वरी विधानसभा से पिछले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हराकर खुद को दिग्गज साबित करने के कारण जीटी देवेगौड़ा के समर्थक उन्हें बड़े मंत्रालय की उम्मीद लगा रहे थे। दूसरी तरफ, पुत्ताराजू ने भी मेलुकोट विधानसभा सीट पर अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए अपनी लोकसभा सीट से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा था। दोनों के समर्थकों ने उनके मूल निवास स्थानों मैसूरू और मांड्ïया में प्रदर्शन करते हुए खुलेआम असंतोष भी जता दिया है।
रिश्तेदारों को अहम विभाग बांटने का आरोप
विभागों को लेकर असंतोष का एक कारण जेडीएस सुप्रीमो व पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के रिश्तेदार डीसी थमन्ना को ट्रांसपोर्ट मंत्रालय देना भी माना जा रहा है, जबकि मलाईदार माने जाने वाले इस मंत्रालय के लिए पुत्ताराजू ने भी दावा ठोका हुआ था।
इसके अलावा मंत्रालयों के बंटवारे में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने वित्त और बिजली जैसे अहम विभाग भी अपने पास रख लिए थे, जबकि गृहमंत्रालय कांग्रेस कोटे से उपमुख्यमंत्री बने जी. परमेश्वरा को दिया गया था।