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Karnataka: शिक्षक का छात्रों पर छड़ी फेंकना मासूम को पड़ा भारी, एक साल बाद छह वर्षीय बच्चे की आंख की रोशनी गई

Tue, 08 Apr 2025 01:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, चिक्काबल्लापुर (कर्नाटक)
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जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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कक्षा में शिक्षक का छात्र की ओर छड़ी फेंकना मासूम के लिए मुसीबत बन गया। घटना में छात्र की आंखों की रोशनी ही चली गई। जानकारी के मुताबिक, एक छह साल के बच्चे की दाईं आंख में चोट लगने के कारण उसकी रोशनी चली गई। एक साल पहले उसके शिक्षक ने कथित तौर पर कक्षा में छात्रों पर छड़ी फेंकी थी, जो गलती से उसे लगी थी।

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पुलिस ने मंगलवार को बताया कि घटना के संबंध में शिक्षक और पांच अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। घटना पिछले साल 6 मार्च को चिक्काबल्लापुर जिले के चिंतामणि तालुक के एक सरकारी स्कूल में हुई थी। उस वक्त पीड़ित यशवंत कक्षा 1 में था। पुलिस के मुताबिक, छात्रों को शांत कराते समय शिक्षक ने कथित तौर पर कुछ पर एक छड़ी फेंकी, जो गलती से यशवंत की दाईं आंख पर लगी। इससे वह चोटिल हो गया। 

एक साल बाद कैसे सामने आया मामला?
शुरू में उसके माता-पिता को यह नहीं लगा था कि चोट का असर इतना लंबे समय तक रह सकता है। कुछ दिनों बाद जब उसकी हालत बिगड़ गई तो लड़के के माता-पिता उसे चिंतामणि के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास ले गए, जिन्होंने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़के की आंख की जांच के बाद पिछले साल दिसंबर में बंगलूरू के विक्टोरिया अस्पताल के डॉक्टरों ने दो सर्जरी कीं, लेकिन उसके बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो लड़के के माता-पिता उसे एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद निष्कर्ष निकाला कि उसकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई है। 
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बटलाहल्ली पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध-प्रदर्शन
इसके बाद माता-पिता और स्थानीय लोगों ने रविवार शाम को बटलाहल्ली पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। फिर आरोपी शिक्षक और घटना के सिलसिले में तालुक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 

किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस अधिकारी ने कहा, 'बच्चे के माता-पिता की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर हमने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत शारीरिक हमला करने और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।'

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