कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने पर आज देश अपने वीर सपूतों को याद कर रहा है। घुसपैठियों के वेश में छिपे पाक सेना के एलीट फोर्स को भारतीय सेना के रणबांकुरों ने धूल चटा दी। इस दौरान एक मौका ऐसा भी आया जब भारतीय सेना के वीर जवानों ने बम-बंदूक छोड़ खुखरी से पाक सैनिकों को मौत के घाट उतारा।
कारगिल युद्ध के दौरान मनोज पांडेय को खालोबार चोटी पर कब्जा करने का लक्ष्य दिया गया। इस पूरे मिशन का नेतृत्व का जिम्मा कर्नल ललित राय के कंधों पर था। मनोज ने नेतृत्व में उनकी टीम ने इससे पहले के ऑपरेशन में कुकरथांग, जूबरटॉप जैसी कई चोटियों पर दोबारा कब्जा कर लिया था। इससे उनकी पूरी टीम उत्साह से भरी थी।