Kargil Martyrs Tribute: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी समेत कृतज्ञ राष्ट्र आज कारगिल के बलिदानियों को नमन कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना के वीर जवानों की असाधारण वीरता, साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश के आत्मसम्मान की रक्षा करने वाले बलिदानी सपूतों को याद करते हुए कहा कि मातृभूमि के लिए मर मिटने का सैनिकों का जज्बा आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा।
पोर्टल का शुभारंभ: अब दुनिया के किसी भी कोने से बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दें
कारगिल विजय की 26वीं वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने आज देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और अपने प्राणों की आहुति देने वाले सपूतों को नमन करने के लिए मोबाइल एप का शुभारंभ किया। सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कारगिल के द्रास में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। इसमें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने तीन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें एक पोर्टल भी शामिल है जहां देशवासी दुनिया के किसी भी कोने से बलिदानियों को 'ई-श्रद्धांजलि' दे सकते हैं। पोर्टल के शुभारंभ को लेकर एक सैन्य अधिकारी ने बताया, नागरिक अब स्मारक पर जाए बिना ही देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायकों को ई-श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
कारगिल के बलिदानियों की याद में तकनीक की पहल, अब बटालिक सेक्टर जाने का मौका भी मिलेगा
क्यूआर कोड आधारित ऑडियो गेटवे भी लॉन्च किया गया है। यहां लोग 1999 के कारगिल युद्ध की कहानियां सुन सकते हैं। इसी परिकल्पना संग्रहालयों जैसी है, जहां सैनिकों के साहस, वीरता, बहादुरी और बलिदान की गाथा सुनने को मिलेगी। इसके अलावा सेना ने
'इंडस व्यूप्वाइंट' (Indus View Point) का शुभारंभ भी किया। इसकी मदद से लोगों को बटालिक सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) तक जाने का अवसर मिलेगा। सैन्य अधिकारी ने बताया कि यहां आने वाले लोग अब उन परिस्थितियों के बारे में जान सकेंगे, जिनमें सैनिक काम करते हैं। देशवासी ये भी जान सकेंगे कि सरहदों के साथ-साथ देश को महफूज रखने वाले जांबाज राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किन कठिनाइयों और खतरों का सामना करते हैं। बता दें कि कारगिल युद्ध के दौरान बटालिक मुख्य युद्धक्षेत्रों में एक था। समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित बटालिक, कारगिल, लेह और बाल्टिस्तान के बीच अपनी रणनीतिक अहमियत कारण कारगिल युद्ध का केंद्र बिंदु था। सिंधु नदी घाटी का यह छोटा सा गांव अब एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण भी बन चुका है।
सैनिकों को नमन: वायुसेना ने वीडियो संदेश जारी किया
भारतीय वायु सेना ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर 1999 के युद्ध में शामिल रहे सैनिकों और बलिदानी वीर योद्धाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। दो मिनट आठ सेकेंड के इस वीडियो में कारगिल की चोटियों के साथ-साथ समरभूमि की कई झलकियां दिखाई गई हैं। वायुसेना ने कहा है कि सैनिकों का साहस, बलिदान और अटूट संकल्प कृतज्ञ और एकजुट राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कारगिल के बलिदानियों को याद करते हुए एक्स पर लिखा;
1999 में पाकिस्तान की हिमाकत के बाद भारतीय सेना ने जिस तरह का जवाब दिया, उसे याद कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज कारगिल विजय दिवस पर कहा कि सैनिकों का समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देशवासियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा;
कारगिल में हुई लड़ाई में 26 साल पहले भारत की मिली विजय का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर सपूतों को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का श्रोत बताया।
कारगिल के बलिदानियों को रक्षा मंत्री ने दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी वीर सपूतों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, 'कारगिल विजय दिवस पर, मैं उन वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी देश के सम्मान की रक्षा में असाधारण साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। कारगिल युद्ध के दौरान उनका सर्वोच्च बलिदान हमारे सशस्त्र बलों के अटूट संकल्प की चिरस्थायी याद दिलाता है। भारत उनकी सेवा का सदैव ऋणी रहेगा।'
राष्ट्रीय समर स्मारक पर प्राण न्योछावर करने वाले सपूतों को नमन किया
रक्षा मंत्री अमित शाह ने कृतज्ञ देश की तरफ से सर्वोच्च बलिदान देने वाले सपूतों की याद में बने राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर वतन की आन पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों को नमन किया।
सेना के तीनों अध्यक्षों ने भी बलिदानी सपूतों को श्रद्धांजलि दी
भारतीय सेना के तीनों विंग- नौसेना, थल सेना और वायुसेना के सैन्य अधिकारियों ने भी बलिदानी सैनिकों को राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, थल सेना उपाध्यक्ष (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले सपूतों को नमन किया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कारगिल के बलिदानियों को याद कर लिखा;
आज से 26 साल पहले पाकिस्तान के दुस्साहस पर मुंहतोड़ जवाब देने वाले भारत के पराक्रमी सपूतों को याद कर गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, ऑपरेशन विजय दुश्मनों को घुटनों पर लाने की अमिट मिसाल है।
कांग्रेस ने भी कारगिल के बलिदानियों को नमन किया
कृतज्ञ देश की तरफ से राष्ट्राध्यक्षों समेत कांग्रेस पार्टी ने भी कारगिल विजय दिवस पर बलिदानियों को याद किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स हैंडल पर लिखा, 'हम अपने सशस्त्र बलों के बहादुर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों समेत सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देते हैं। उनका अदम्य साहस और वीरता हमेशा पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। जय हिंद।' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया।
समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के साथ देश सेवा करने का आह्वान
कारगिल विजय दिवस पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सशस्त्र बलों के सभी अधिकारियों, सेवानिवृत्त सैनिकों, सैनिकों के परिजनों समेत बलिदानी परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सीडीएस ने एक विशेष संदेश में लिखा, 'कारगिल विजय दिवस पर हमारे बहादुरों को सलाम! उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। आइए, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के साथ अपने देश की सेवा करके उनकी विरासत का सम्मान करें। बहादुर सैनिक भारत की संप्रभुता और अखंडता हमेशा सुरक्षित रखेंगे।