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Karanataka: हाईकोर्ट ने मालूर विधानसभा का चुनाव किया रद्द, वोटों की दोबारा गिनती का आदेश; गड़बड़ी का था आरोप

Tue, 16 Sep 2025 05:14 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक के वाई नानजेगौड़ा का चुनाव रद्द करते हुए मालूर सीट पर वोटों की दोबारा गिनती का आदेश दिया है। भाजपा प्रत्याशी मंजीनाथ गौड़ा की याचिका पर कोर्ट ने मतगणना में गड़बड़ी पाई। हालांकि कोर्ट ने अपने आदेश पर 30 दिन की रोक लगाई है ताकि नानजेगौड़ा सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें। राहत न मिलने पर उनकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी।

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कांग्रेस नेता केवाई नानजेगौड़ा - फोटो : X/@KYNanjegowdaMLA
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विस्तार
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक के वाई नानजेगौड़ा के चुनाव को रद्द करते हुए 2023 विधानसभा चुनावों में मालूर सीट पर डाले गए वोटों की दोबारा गिनती का आदेश दिया है। कोर्ट का यह बड़ा फैसला भाजपा प्रत्याशी के एस मंजीनाथ गौड़ा की याचिका पर आया है। मंजीनाथ गौड़ा ने गिनती प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
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हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति आर देवदास की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को यह आदेश सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि मालूर विधानसभा सीट पर मतगणना के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुई थीं, इसलिए परिणाम को वैध नहीं माना जा सकता।

भाजपा प्रत्याशी की याचिका से मामला उठा
यह मामला तब शुरू हुआ जब भाजपा उम्मीदवार मंजीनाथ गौड़ा ने 2023 में हुए चुनावों में हार के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने आरोप लगाया था कि मतगणना के दौरान गिनती में धांधली हुई और इसी वजह से वह हार गए।
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लगभग दो साल तक चली सुनवाई
करीब दो वर्षों तक चली लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना कि मतगणना की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी। अदालत ने न केवल गिनती दोबारा करने का आदेश दिया बल्कि नानजेगौड़ा का चुनाव भी रद्द कर दिया।

नानजेगौड़ा को मिली 30 दिन की राहत
हालांकि, नानजेगौड़ा के वकील की अपील पर अदालत ने अपने ही आदेश पर 30 दिन की रोक लगाई है। इस दौरान कांग्रेस विधायक सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। यदि 30 दिन में उच्चतम न्यायालय से कोई राहत नहीं मिलती, तो नानजेगौड़ा की विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी।
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राजनीतिक हलचल तेज
इस फैसले के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने इसे अपने-अपने तरीके से मुद्दा बना लिया है। भाजपा इसे अपनी जीत बता रही है, वहीं कांग्रेस कह रही है कि वह सुप्रीम कोर्ट जाएगी और नानजेगौड़ा के लिए न्याय की मांग करेगी।


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