अयोध्या मसले पर इन दिनों एकबार फिर राजनीति जोरों पर है। कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने बुधवार को कहा कि वह कभी भी सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील नहीं थे।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि ' राम मंदिर मोदी जी की मर्जी से नहीं बल्कि भगवान की इच्छा से बनेगा।'
सिब्बल ने आगे कहा 'हमारे पीएम कभी-कभी कुछ जाने ही टिप्पणी करते हैं। अमित शाह और उन्होंने कहा कि मैं सुन्नी वक्फ बोर्ड का प्रतिनिधित्व करता हूं। जबकि मैं कभी भी सुन्नी वक्फ बोर्ड का वकील नहीं था।'
We believe in the Lord, we don't believe in you Modi ji. You are not going to build that temple, it will be done when God wants it. The court will decide: Kapil Sibal #Ayodhya pic.twitter.com/VfgEJu2Lev
— ANI (@ANI) December 6, 2017
बता दें कि प्रधानमंत्री ने कपिल सिब्बल के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि सिर्फ यही पार्टी इस मुद्दे को लटकाए रखना चाहती है। अहमदाबाद जिले के धुंधका में बुधवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मंगलवार को कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद के लिए पैरवी कर रहे थे।
उन्हें ऐसा करने का अधिकार है लेकिन क्या इस मामले की सुनवाई 2019 तक टालने की दलील देना सही है? उन्हें राम मंदिर को चुनाव से क्यों जोड़ना पड़ा? इससे साबित हो गया है कि कांग्रेस को देश की तनिक भी चिंता नहीं है।