विवादास्पद दक्षिण अफ्रीकी व्यापारियों गुप्ता बंधुओं से संबंधों और विवादित सौदों के चलते विवादों में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल सवालों से कन्नी काट रहे हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा खुद पर लगाए गए आरोपों के उत्तर में शुक्रवार को उन्होंने बस इतना ही कहा - जिस वेबसाइट के आधार पर उन्होंने मुझ पर आरोप लगाए हैं, उसने अपनी रिपोर्ट में खुद कहा है कि सिब्बल के खिलाफ कोई मामला ही नहीं बनता है।
ईरानी ने सिब्बल पर एक कंपनी ग्रैंड कैस्टेलेनो महज एक लाख रुपये में खरीदने का आरोप लगाया जबकि इस कंपनी के सेवामित्व में लुटियन दिल्ली में एक जमीन है जिसकी कीमत कम से कम 80 करोड़ रुपये है। लेकिन सिब्बल ने इन आरोपों का उत्तर ही नहीं दिया। अमर उजाला ने संबंधित वेबसाइट अमाबुनगने सेंटर फॉर इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म पर सिब्बल पर लिखी रिपोर्ट देखी।
विवादास्पद दक्षिण अफ्रीकी गुप्ता बंधुओं से संबंधों पर कन्नी काटी
19 जनवरी को लिखी इस रिपोर्ट में साफ लिखा है कि सिब्बल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कोई सबूत नहीं मिले। लेकिन वर्ल्ड्स विंडो नामक की कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करने वाली कंपनी से अपने रिश्तों पर उन्होंने कोई भी उत्तर देने से इंकार कर किया।
क्या हैं वर्ल्ड्स विंडो
1990 में बनी इस कंपनी के मालिक पीयूष गोयल कबाड़ का काम करने वाले एक व्यापारी हैं। उनका अरबों का कारोबार है। 2010 में वे गुप्ता बंधुओं के संपर्क में आए और उनके साथ मिलकर दक्षिण अफ्रीका में कोयले की खदानों में पैसा लगाया। इन्हीं गुप्ता बंधुओं के गैरकानूनी कारोबार से संबंधों की वजह से वहां के राष्ट्रपति जैकब जूमा को हाल ही में पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
सिब्बल के वर्ल्ड्स विंडो से संबंध
सिब्बल स्वीकार करते हैं कि पीयूष गोयल उनके मित्र हैं। जिस ग्रैंड कैस्टेलेनो नाम की कंपनी के एक लाख रुपये में खरीदने का आरोप उन पर लग रहा है उसका सौ फीसदी स्वामित्व गोयल की कंपनी वर्ल्ड्स विंडो के पास था। ग्रैंड कैस्टेलेनो को सिब्बल और उनकी पत्नी प्रोमिला के संयुक्त नाम पर 2016 में खरीदा गया।
सिब्बल अपनी पत्नी और बेटे अखिल के साथ 2011 में आयोजित क्रिकेट विश्व कप का फाइनल देखने दिल्ली से एक चार्टर्ड जहाज से मुंबई गए थे। अमाबुनगने ने आरोप लगाया है कि यह जहाज विवादास्पद गुप्ता बंधुओं का था। एक ईमेल में सिब्बल ने अमाबुनगने को बताया कि वे परिवार के साथ गोयल के जहाज से मुंबई गए जरूर थे लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि जहाज का किराया किसने चुकाया।
अमाबुनगने के पत्रकार क्रेग मैक्कुने ने जनवरी 2018 में एक ईमेल कल सिब्बल से यह भी पूछा था कि अखिल और उसकी पत्नी जब दिसंबर 2011 में क्रिसमस और नया साल मनाने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन गए तो जहाज के किराए से लेकर वाटरफ्रंट पर स्थित महंगे होटल का भुगतान क्या गुप्ता बंधुओं की कंपनी सहारा ने नहीं किया था? सिब्बल का जवाब था - मेरा बेटा प्रोफेशनल है। उसके खर्च से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
मैक्कुने का अगला सवाल था - क्या जनवरी 2017 में आपके द्वारा खरीदी गई कंपनी ग्रैंड कैस्टेलेनो गोयल की कंपनी वर्ल्ड्स विंडो के अधीन नहीं थी? सिब्बल ने उत्तर दिया - आपकी जानकारी गलत है। अपने तथ्य जांच लीजिए। मैं किसी कंपनी की अधीनस्थ कंपनी का निदेशक नहीं हूं। लेकिन आज उन्होंने मान लिया कि ग्रैंड कैस्टेलेनो के मालिक वे ही हैं, हालाँकि उन्होंने यह बताने से अभी भी परहेज किया कि वह उन्होंने किससे, कितने में और क्यों खरीदी। और यह भी क्या इस कंपनी के स्वामित्व में 80 करोड़ की जमीन है? वे नहीं बता रहे हैं कि यह कंपनी का क्या काम करती है?
गोयल पर आरोप
पीयूष गोयल पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वर्ल्ड्स विंडो को कर्ज देने के लिए बैंक के अधिकारियों को नवंबर 2013 में रिश्वत देने के आरोप हैं। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।