वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने न सिर्फ सपा के आंतरिक महाभारत में मुख्यमंत्री अखिलेश खेमे को चुनाव निशान साइकिल पर कब्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई बल्कि वह सूबे में कांग्रेस-सपा के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन के भी सूत्रधार बने। कपिल सिब्बल ने ‘अमर उजाला’ के राजीव जायसवाल से पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समेत कई मसलों पर खुल कर बातचीत की। पेश हैं चुनिंदा अंश।
सवाल - पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन चुनावों में कहां खड़ी है कांग्रेस।
चुनाव में कांग्रेस बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। पंजाब, गोवा, उत्तराखंड में हमारी खुद की और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा गठबंधन की सरकार बनने की संभावना है। जहां तक भाजपा का सवाल है तो प्रधानमंत्री हमारी जन्मकुंडली बाहर लाने की धमकी दे रहे हैं। हालांकि बिहार से इनकी जन्मकुंडली खुलने की शुरुआत हो चुकी है अब दूसरा बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश इनकी कुंडली खोलने के लिए तैयार बैठा है।
परिणाम आने दीजिये। इन्हें पता चलेगा कि नोटबंदी ने इनकी वोट बंदी करा दी है। पंजाब में ये कहीं हैं ही नहीं। गोवा में नोटबंदी के कारण पर्यटन उद्योग के चरमरा जाने और इससे पहले मुख्यमंत्री रहते मनोहर परिकर की ओर से लाई गई खनन नीति ने राज्य को तबाह करके रख दिया। यहां के लोग सबक सिखाने के लिए पहले से ही तैयार बैठे थे।
सवाल- बात उत्तर प्रदेश की करते हैं। यहां आपने जिस सपा पर पहले निशाना साधा अब उसी के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में हैं। क्या इससे पार्टी को रक्षात्मक रुख नहीं अपनाना पड़ रहा है।
देखिये कांग्रेस ने हमेशा सांप्रदायिकता के खिलाफ राजनीति की है। हमारी लड़ाई सांप्रदायिक ताकतों से है। इसलिए हमारा मानना है कि भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी के खिलाफ सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एक हो जाना चाहिए।
सवाल- मगर भाजपा इस गठबंधन को भ्रष्टाचार और अपराध का गठबंधन बता रही है। फिर सवाल यह है कि क्या आप भी राजनीति में सब चलता है के सिद्घांत पर चल रहे हैं।
वह भाजपा सिद्घांत की बात करती है जिससे बड़ी सिद्घांतविहीन पार्टी ही कोई नहीं है। जम्मू-कश्मीर में क्या किया इस पार्टी ने पहले लगातार बाप; मुफ्ती मोहम्मद सईद और बेटी महबूबा मुफ्ती को जम कर कोसा और राज्य को बर्बाद करने का आरोप लगाया। चुनाव के बाद उसी के साथ सरकार बना ली। इसने अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड में क्या किया। कांग्रेस के विधायकों की खरीद-फरोख्त की। इसके एवज में इन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले के जरिये करारा तमाचा लगाया।
सवाल- मतलब कि आप भी वही करेंगे जो भाजपा कर रही है।
हम तो कुछ नहीं कह रहे। भाजपा सवाल उठा रही है तो हम उन्हें सिद्घांत की राजनीति का आईना दिखा रहे हैं।
सवाल- यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण हैं इसके बावजूद न तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चुनाव प्रचार में उतर रही हैं और न ही प्रियंका गांधी ही अब तक सामने आई हैं। वह भी तब जब प्रियंका के संदर्भ में जोरशोर से चर्चा हुई थी। इसे किस निगाह से देखा जाना चाहिए।
प्रियंका तो पहले भी कहीं नहीं गईं। मीडिया में ही चर्चा हुई थी। मीडिया में चर्चा चलती रहती है। सोनियाजी आपको पता है कि कहीं नहीं जा रही। आगे क्या होगा आपको पता चल जाएगा। हमारे उपाध्यक्ष राहुल गांधी जा रहे हैं। उन्होंने कमान संभाल रखी है।
सवाल- मगर आपको नहीं लगता कि इन महत्वपूर्ण चुनावों से कांग्रेस अध्यक्ष की दूरी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आखिर कांग्रेस अध्यक्ष की अपनी छवि और अपना असर है।
नुकसान होगा नहीं होगा इसके बारे में मैं तो नहीं कह सकता। हम भी चाहते थे कि सोनिया जी चुनाव प्रचार में उतरतीं। नर्हीं आइं तो कोई वजह होगी।