आप भी सुनेंगे तो हैरान हो जाएंगे, लेकिन सच है कि एचडी देवगौड़ा देश के प्रधानमंत्री थे और मुलायम सिंह यादव ने उन्हें धक्का दे दिया था। मुलायम ने जब धक्का दिया था तो वहां शरद यादव और लालू प्रसाद यादव भी मौजूद थे। इतना ही नहीं मुलायम के धक्का देने के बाद अचकचाए से देवगौड़ा पीछे खड़े अपने एक सहयोगी के ऊपर गिरने लगे, तो उसने उन्हें सहारा दिया। इस तरह के न जाने कितने राज राज्यसभा सांसद अमर सिंह के सीने में दफन हैं। हाल में ही अमर सिंह ने यह राज पीएल पुनिया को बताया। अमर सिंह की नजर बड़ी तेज है। उन्होंने दूर से उस राज्यसभा सदस्य को भी देख लिया था, जिसने धक्का खाकर गिरते देवगौड़ा को सहारा दिया था। लिहाजा अमर सिंह ने कथा सुनाने के लिए पूनिया को चुना और गवाही राज्यसभा सांसद से दिलवाई।
क्रिकेट के दमदार खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी भाजपा का दामन थामेंगे। भाजपा नेताओं को इसका पूरा भरोसा है। हालांकि भाजपा के नेताओं का कहना है कि धोनी क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद ऐसा करने वाले हैं। भाजपा के सांसद संजय पासवान तो इसके लिए पूरी तरह से आश्वस्त भी हैं। संजय पासवान का कहना है कि धोनी से कुछ दौर की मुलाकात भी हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार के चार साल पूरा होने पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी धोनी से मुलाकात की थी। संजय पासवान कहते हैं बस देखते जाइए, लेकिन यह होगा। वैसे महेंद्र सिंह धोनी युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं। झारखंड से भी उनका नाता है। झारखंड में विधानसभा चुनाव भी होना है। जाहिर है यदि धोनी भाजपा में आते हैं तो भाजपा को इसका फायदा मिलेगा। भाजपा भी खिलाड़ियों, कलाकारों आदि को लेने में बहुत उदार हो चली है। लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी के टिकट बंटवारे में भी इसकी बानगी साफ दिखी है। नतीजा भी सामने हैं। 303 लोकसभा सदस्यों का बहुमत लेकर पार्टी ने सफलता का झंडा गाड़ा है।
भाजपा की तेज-तर्रार सांसद और देश की कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी लोकसभा सीट जीतकर काफी खुश हैं। यह सीट कांग्रेस खानदान की सीट रही है। इस सीट से राहुल गांधी के चाचा संजय गांधी, पिता राजीव गांधी, मां सोनिया गांधी सांसद रही हैं। राहुल भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अमेठी को अजेय सीट माना जाता था, लेकिन स्मृति ईरानी ने दूसरे प्रयास में ही कांग्रेस अध्यक्ष को धराशायी कर दिया था। यह हार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। स्मृति का मानना है कि यदि राहुल अमेठी न हारे होते तो इतना विचलित भी नहीं होते। यहां तक कि प्रियंका गांधी भी इतना हताश न होती। स्मृति के खुश होने का उन्हें एक और कारण मिल गया है। वह खुद बताती हैं जब लोकसभा में राहुल गांधी किसी मामले में बोलने खड़े होते हैं तो भाजपा के रणनीतिकार स्मृति ईरानी को याद करने लगते हैं। ईरानी का कहना है कि उनके सदन में आते ही राहुल गांधी बहाना ढूंढ़कर धीरे से बैठ जाते हैं।
नॉर्थ ब्लॉक के एक कोने पर गृहमंत्रालय तो दूसरे पर वित्त मंत्रालय है। नॉर्थ ब्लॉक में अब सबकुछ बदला सा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली केंद्र सरकार के संकटमोचक, प्रभावशाली मंत्री थे। उनके नॉर्थ ब्लॉक में होने पर मुलाकातियों की बड़ी भीड़ रहती थी। वित्त मंत्रालय बहुत अहम हो गया था। अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हैं। कद्दावर नेताओं के वित्त मंत्रालय जाने की भीड़ थोड़ा घटी है। लेकिन नॉर्थ ब्लॉक के दूसरे कोने पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दफ्तर है। पूरी फिजा ही बदल गई है। मंत्रालय के सचिव, अवर सचिव, संयुक्त सचिव, निदेशक, उप सचिव सब में एक खास तेजी देखने को मिल रही है। यहां तक कि गृहमंत्रालय का मीडिया विभाग भी पहले से ज्यादा चौकन्ना होकर चल रहा है। जम्मू-कश्मीर मामलों के संयुक्त सचिव भी लगातार कड़ा होमवर्क कर रहे हैं। जबतक नॉर्थ ब्लॉक के दफ्तर में केंद्रीय मंत्री रहते हैं, मंत्रालय के वातावरण का इस्तकबाल गजब का रहता है। एक दफ्तरी का कहना है कि राजनाथ जी थे तो अच्छे मंत्री लेकिन सरकार में उनकी चलती कम थी। वहीं अमित शाह को नजरअंदाज करने का आखिर दम किसमें है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी लोकसभा के सांसद हैं। उन्होंने दिल्ली के आईआईपीएम से बीबीए और एमबीए करने का हलफनामा दिया है। ममता बनर्जी की इस डिग्री को उच्तम न्यायालय में वकील सार्थक चतुर्वेदी ने चुनौती दे दी है। सार्थक का कहना है कि अभिषेक ने गलत जानकारी दी है। इस मामले में अदालत ने भी अभिषेक बनर्जी को 25 जुलाई को हाजिर होने के लिए सम्मन भेज दिया है। वहीं टीएमसी के नेता कह रहे हैं कि यह भाजपा की डर्टी ट्रिक है। अभिषेक की डिग्री में कुछ भी गड़बड़ नहीं है। जबकि भाजपा के तमाम नेता की डिग्री का अबतक सही जवाब नहीं मिल पाया।