केरल के कन्नूर जिले के अंजराकंडी स्थित डेंटल कॉलेज के छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। साइबर पुलिस ने अज्ञात ऑनलाइन लोन एप ऑपरेटर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, जबकि विशेष जांच टीम (SIT) इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या कर्ज और उससे जुड़े दबाव इस घटना की वजह बने।
पुलिस के मुताबिक, प्रथम वर्ष बीडीएस छात्र नितिन राज (22) ने एक ऑनलाइन लोन एप के जरिए करीब 14 हजार रुपये उधार लिए थे। समय पर भुगतान न कर पाने पर एप संचालकों ने कथित तौर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामला तब गंभीर हो गया जब आरोपियों ने कॉलेज की एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर से संपर्क कर उन्हें भी धमकी भरे संदेश भेजे।
मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक के परिजनों ने कॉलेज के दो फैकल्टी सदस्यों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके आधार पर डेंटल एनाटॉमी विभाग के प्रमुख एमके राम और एसोसिएट प्रोफेसर केटीएस संगीता नांबियार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि SIT अब सभी संभावित पहलुओं, लोन एप की धमकियां, कॉलेज के भीतर कथित उत्पीड़न और आर्थिक दबाव को जोड़कर जांच कर रही है। नितिन के मोबाइल फोन से चैट डिटेल्स भी बरामद की गई हैं, जिनसे पता चलता है कि उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी थी।
साइबर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 308(3) (जबरन वसूली) और आईटी एक्ट की धारा 66D (ऑनलाइन धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या लगातार बढ़ते दबाव और धमकियों ने छात्र को यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया।