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केरल में छात्र की मौत: सामने आया धमकी-उत्पीड़न का एंगल, क्या लोन एप ने ली जान? प्रोफेसर पर भी लगे गंभीर आरोप

Mon, 13 Apr 2026 10:05 AM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

कन्नूर के डेंटल छात्र नितिन राज की संदिग्ध मौत मामले में जांच तेज हो गई है। साइबर पुलिस ने ऑनलाइन लोन एप ऑपरेटर्स पर केस दर्ज किया है, जिन्होंने कर्ज न चुकाने पर छात्र और एक प्रोफेसर को धमकाया था। आइए विस्तार से जानते हैं।
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साइबर अपराध - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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केरल के कन्नूर जिले के अंजराकंडी स्थित डेंटल कॉलेज के छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। साइबर पुलिस ने अज्ञात ऑनलाइन लोन एप ऑपरेटर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, जबकि विशेष जांच टीम (SIT) इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या कर्ज और उससे जुड़े दबाव इस घटना की वजह बने।

क्या है मामला?

पुलिस के मुताबिक, प्रथम वर्ष बीडीएस छात्र नितिन राज (22) ने एक ऑनलाइन लोन एप के जरिए करीब 14 हजार रुपये उधार लिए थे। समय पर भुगतान न कर पाने पर एप संचालकों ने कथित तौर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामला तब गंभीर हो गया जब आरोपियों ने कॉलेज की एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर से संपर्क कर उन्हें भी धमकी भरे संदेश भेजे।

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एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने एमएमएस और व्हाट्सएप के जरिए प्रोफेसर को न केवल डराने की कोशिश की, बल्कि अवैध रूप से पैसे वसूलने का प्रयास भी किया। इस शिकायत के आधार पर कन्नूर साइबर पुलिस ने रविवार रात मामला दर्ज किया।

इधर, 10 अप्रैल को नितिन राज मेडिकल कॉलेज ब्लॉक के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। बताया गया कि वह इमारत से गिर गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने क्या लगाए आरोप?

मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक के परिजनों ने कॉलेज के दो फैकल्टी सदस्यों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके आधार पर डेंटल एनाटॉमी विभाग के प्रमुख एमके राम और एसोसिएट प्रोफेसर केटीएस संगीता नांबियार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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राज के पिता वाईएल राजन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने की बहुत कम उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेरे बेटे को मार डाला। मुझे किस तरह का न्याय मिल सकता है? मैंने उसकी शिक्षा के लिए बहुत मेहनत की थी। हमने सब कुछ खो दिया। राजन ने आरोप लगाया कि राज की मौत के तीन दिन बाद भी कॉलेज अधिकारियों की ओर से कोई संपर्क नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा कि वह उस कॉलेज का छात्र था। अधिकारियों की ओर से एक शब्द भी नहीं कहा गया है। वहां के छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और कुछ बोल नहीं रहे हैं। कम से कम एक छात्र को तो हमारे लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनके बेटे को शिक्षकों द्वारा अक्सर यह कहा जाता था कि वह परीक्षा में असफल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लेकिन उसे पूरा भरोसा था कि वह परीक्षा पास कर लेगा और पांच साल में कोर्स पूरा कर लेगा। इन सब बातों ने उसे भावनात्मक रूप से तोड़ दिया और उसकी जान ले ली।

किन कड़ियों को जोड़कर पुलिस कर रही जांच?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि SIT अब सभी संभावित पहलुओं, लोन एप की धमकियां, कॉलेज के भीतर कथित उत्पीड़न और आर्थिक दबाव को जोड़कर जांच कर रही है। नितिन के मोबाइल फोन से चैट डिटेल्स भी बरामद की गई हैं, जिनसे पता चलता है कि उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी थी।

साइबर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 308(3) (जबरन वसूली) और आईटी एक्ट की धारा 66D (ऑनलाइन धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या लगातार बढ़ते दबाव और धमकियों ने छात्र को यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया।

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