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''हवा बह रही सुशासन की, आस बंधी फिर जन-जन की'' गाकर आम से खास बन गए कनिष्क

Sat, 12 Jan 2019 07:50 PM IST
Nilesh Kumar डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
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कनिष्क - फोटो : amar ujala
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में जिस एक चेहरे ने सबका ध्यान अचानक अपनी ओर खींचा वह नाम है कनिष्क का। पेशे से वकील कनिष्क ने मंच पर नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों को बताता गीत 'हवा बह रही सुशासन की, आस बंधी फिर से जन-जन की' पेश किया जिसे लोगों के द्वारा काफी पसंद किया। अधिवेशन के अंत में उन्होंने राष्ट्रगान गाने में भी सबका नेतृत्व किया।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई करके एक एडवोकेट के रुप में प्रैक्टिस कर रहे कनिष्क ने बताया कि उनके गीत गाने के बाद उन्हें उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से खूब शाबासी मिली। उन्होंने कहा कि देश के सर्वश्रेष्ठ नेताओं के सामने जाकर कुछ कहना अपने आपमें बड़ी उपलब्धि थी जिसे वे अपनी जिंदगी में कभी भूल नहीं पाएंगे। श्रोताओं ने भी उनके लिए दिल खोलकर तालियां बजाईं। 

दिल्ली के कृष्णानगर में रहने वाले कनिष्क ने बताया कि वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे। निस्वार्थ लोगों की सेवा करने की संगठन की खूबी आज उनके जिंदगी का उद्देश्य बन गई है और वे इसे निरंतर आगे बढ़ाना चाहते हैं।  
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