Shivraj KamalNath and Jyotiraditya
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किसानों की कर्जमाफी चुनावों में हमेशा से ही बड़ा मुद्दा रही है। अगर यह इतना ही आसान था तो मौजूदा सूबे की सरकारों ने इस मुद्दे को क्यों नहीं भुनाया। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जब पूछा गया कि अगर किसान लोन माफी से चुनाव जीता जा सकता था तो भाजपा ने किसानों से ऐसा वादा क्यों नहीं किया? जबकि उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों से वादा किया और जीते भी।
इसपर शिवराज सिंह ने कहा कि किसान कभी भी मुफ्त का कुछ भी नहीं चाहते हैं वह अपने पसीने की पूरी कीमत चाहते हैं। किसानों को खैरात पसंद नहीं है। किसानों की गरिमा का सम्मान करते हुए मैंने कई योजनाएं शुरू की जिससे किसानों के एकाउंट में पैसा जाए। शिवराज ने अपनी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के बारे में भी बताया जिससे किसानों को काफी फायदा हुआ और होता रहेगा।
लेकिन जैसे ही शिवराज सिंह से पूछा गया कि कमलनाथ ने कहा है कि आपने राज्य का खजाना खाली कर दिया है। राज्य कंगाली की स्थिति में है। तो उन्होंने खंडन करते हुए कहा कि यह सरासर गलत है। खजाना भरा हुआ है। भंडार भरपूर है। इसके लिए मैं कहीं भी बहस कर सकता हूं, मध्यप्रदेश में भरपूर पैसा है उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति किसी भी दूसरे राज्यों से बेहतर हालात में हैं।
शिवराज ने कहा कि हम कभी भी दूसरे राज्यों की तरह ओवरड्राफ्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की स्थिति बेहतर बनी हुई है। हम वास्तव में नई सरकार के लिए भरा पूरा खजाना छोड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाओं के लिए हमने भरपूर पैसा छोड़ा है। चाहें वो सड़क हो बिजली हो या फिर किसान की कोई योजना हो या बात करें संभल योजना की जिसे हमने ही शुरू किया था।