हासन ने किसे स्थिति को कहा लिविंग डेड
कमल हासन ने कहा कि मतदाता सूची की खामियों के कारण लाखों लोग कागजों में मृत घोषित हो रहे हैं, जिसे उन्होंने लिविंग डेड की स्थिति बताया। उनके अनुसार बिहार में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, पश्चिम बंगाल में इस पर कानूनी लड़ाई चल रही है, जबकि तमिलनाडु में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के प्रभावित होने का खतरा है।
लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे बुनियादी
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे बुनियादी अधिकार है और वर्तनी या तकनीकी त्रुटियों के नाम पर इसे छीनना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं हो सकता। उनका कहना था कि लोकतंत्र में कोई भी सत्ता स्थायी नहीं होती और व्यवस्था को जनता से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए।
सरकारें अमर नहीं, आने वाली पीढ़ियां सब देख रही
कमल हासन ने यह भी कहा कि सरकारें अमर नहीं होतीं और आने वाली पीढ़ियां खासतौर पर जेन-जी सब कुछ बारीकी से देख रही हैं। मतदाता सूची से जुड़े मामले में उन्होंने सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या सरकार पर हमला नहीं, बल्कि विचारों के स्तर पर टकराव है।
अपने भाषण का समापन तमिल भाषा में किया
अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत पहले यह समझ आ गया था कि जमीनी सच्चाई कई बार संविधान के उस वादे से मेल नहीं खाती, जिसमें भारत को राज्यों का संघ बताया गया है। इस अवसर के लिए आभार जताते हुए कमल हासन ने इसे अपने जीवन का सम्मानजनक क्षण बताया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन तथा सहयोगी दलों का धन्यवाद किया, जिनके समर्थन से वे राज्यसभा पहुंचे। उन्होंने अपने भाषण का समापन तमिल भाषा में किया।