शामली जिले के कैराना विधानसभा सीट भी इस बार चर्चा में है। क्योंकि यहां से भाजपा सांसद हुकुम सिंह पिछले दिनों यह कर विवाद पैदा कर दिया था कि मुस्लिम माफियाओं के कारण कैराना से हिन्दुओं का पलायन हो रहा है। जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। इस बार उन्होंने अपनी बेटी मृगांका सिंह को बीजेपी से विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतार दिया है।
हुकुम सिंह कैराना सीट से सात बार विधायक रह चुके हैं तथा कैराना लोकसभा क्षेत्र से मौजूदा सांसद भी हैं। राजनीतिक विरासत बेटी को सौंपने की वजह से ही उन्हें अपने परिवार में कलह तक झेलनी पड़ रही है और उनके खानदान के ही अनिल चौहान बगावत करके मृगांका सिंह के सामने ही रालोद के टिकट पर चुनाव मैदान में आ खड़े हुए हैं।
वहीं, कैराना सीट से ही नाहिद हसन भी दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नाहिद हसन के पिता मरहूम मुनव्वर हसन 1991 और 1993 में कैराना सीट से विधायक बने, तो 1996 के लोकसभा चुनाव में कैराना सीट से ही सांसद चुने गए थे।
उनकी राजनीतिक वंशबेल को आगे बढ़ाने वाले नाहिद हसन 2014 के उपचुनाव में कैराना विधानसभा सीट से विधायक बने और इस बार भी वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।