कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले जत्थे को विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गरीटा ने नई दिल्ली में हरी झंडी दिखाई। नाथू ला मार्ग से जाने वाला यह पहला बैच 15 जून 2026 को दिल्ली से रवाना होगा। सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता के लिए पुख्ता कूटनीतिक और चिकित्सा प्रबंध किए हैं।
आस्था के सबसे कठिन और पावन सफर कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का औपचारिक शंखनाद हो गया है। नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भवन में आयोजित समारोह के दौरान विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गरीटा ने तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस उद्घाटन समारोह के साथ ही शिवभक्तों की इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हो गई है। इस साल यात्रा के लिए नाथू ला मार्ग को चुना गया है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्रियों का यह पहला जत्था 15 जून 2026 को देश की राजधानी दिल्ली से अपनी आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेगा।
विज्ञापन
नाथू ला दर्रे से बढ़ेगा कारवां
विदेश मंत्रालय इस पूरी यात्रा का संचालन कर रहा है। सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े प्रबंधों के बीच तीर्थयात्री आगे बढ़ रहे हैं। दिल्ली से रवाना होने के बाद इस जत्थे का अगला पड़ाव सिक्किम होगा। नाथू ला मार्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सुगम व्यवस्था के लिए जाना जाता है। तीर्थयात्रियों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार की ओर से यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
तैयारियों और सुरक्षा की अग्निपरीक्षा
कैलाश मानसरोवर की यह यात्रा बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में होती है। यही वजह है कि यात्रा शुरू होने से पहले दिल्ली में सभी यात्रियों की गहन चिकित्सा जांच की गई है। अत्यधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार इस यात्रा की निगरानी कर रहे हैं। इस रूट पर बुनियादी सुविधाओं को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है।
आस्था और कूटनीति का संगम
यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और कूटनीतिक विरासत का भी एक बड़ा हिस्सा है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा के लिए आवेदन करते हैं। कड़े चयन मानदंड और मेडिकल टेस्ट के बाद ही भाग्यशाली तीर्थयात्रियों को भोलेनाथ के दर्शन का यह अवसर मिलता है। उद्घाटन समारोह में विदेश राज्यमंत्री ने सभी यात्रियों को सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।