Plane Crash Probe: विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने महाराष्ट्र सरकार से बारामती हवाई हादसे की तेज जांच के लिए सहयोग मांगा है। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोग मारे गए, जिनमें पायलट, सह-पायलट, सुरक्षा अधिकारी और फ्लाइट अटेंडेंट शामिल हैं। पढ़ें रिपोर्ट-
विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार से सहयोग मांगा, ताकि पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे पर हुए विमान हादसे की तेजी से जांच की जा सके। इस विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोग मारे गए थे।
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पत्र में विमानन मंत्री ने क्या कहा?
हादसे के एक दिन बाद विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा।
पत्र में उन्होंने दुर्घटनास्थल तक पहुंच, स्थानीय प्रशासनिक मदद और स्थानीय एजेंसियों के साथ तालमेल सहित अन्य कदमों के लिए राज्य सरकार का सहयोग मांगा
उन्होंने कहा कि जांच के परिणाम राज्य सरकार के साथ साझा किए जाएंगे।
बारामती जा रहे थे अजित पवार
अजित पवार बुधवार को निजी विमान से मुंबई से अपने पैतृक शहर बारामती जा रहे थे। उनके साथ चार अन्य सवार थे। लेकिन यह विमान बारामती की टेबलटॉप हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) से करीब दो सौ मीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बच पाया।
हादसे में अजित पवार के अलावा कौन लोग मारे गए?
इस हादसे में अजित पवार के साथ कैप्टन सुमित कपूर (जिनका उड़ान अनुभव 15,000 घंटे का था) सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक (जिनका उड़ान अनुभव 1,500 घंटे का था) पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी मारे गए।
फडवीस के आग्रह पर विमानन मंत्री ने क्या कहा?
इससे पहले फडणवीस ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया था कि वह इस दुर्घटना का सही कारण पता लगाने के लिए विस्तृत जांच का आदेश दें। उन्होंने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने का अनुरोध किया। नायडू ने कहा कि उनके मंत्रालय ने ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मुख्यमंत्री के अनुरोध को ध्यान में रखा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जरूरी सुरक्षा सिफारिशें और नियामक या परिचालन संबंधी उपाय एएआईबी, विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और अन्य संबंधित पक्षों के तालमेल में लागू किए जाएंगे।