पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि ज्योतिरादित्य केवल ग्वालियर राजघराने के सदस्य ही नहीं हैं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के अच्छे युवा नेताओं में हैं। ज्योतिरादित्य को राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश में कमलनाथ के साथ कांग्रेस को सत्ता में लाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। 2018 में कांग्रेस पार्टी को मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सफलता भी मिली।
इस दौरान सिंधिया राज्य के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के कहने पर उन्होंने राहुल गांधी के साथ केन्द्रीय राजनीति करना ही जरूरी समझा। इसके प्रतिफल में कांग्रेस पार्टी ने ज्योतिरादित्य को प्रियंका गांधी के साथ महासचिव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार भी सौंपा था।