वर्ष 2013 में पटना में नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली और बौद्धगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों से जुड़े एक मामले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड) पटना ने एक जुवेनाइल को दोषी ठहराया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से जारी बयान के मुताबिक उसे जेजे बोर्ड ने प्रत्येक मामले में तीन साल के लिए रिमांड होम में भेज दिया है। आरोपी जुवेनाइल दोनों जगह धमाके करने की साजिश में शामिल था।
27 अक्तूबर, 2013 को पटना के गांधी मैदान में भाजपा के तत्कालीन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी की हुंकार रैली में कई धमाके हुए थे। इनमें छह लोगों की मौत हो गई थी जबकि 89 लोग घायल हो गए थे। इससे पहले, उसी साल सात जुलाई को बौद्धगया मंदिर परिसर में सुबह की प्रार्थना के बाद कई धमाके हुए।
वहां कुल 13 बम लगाए गए थे, इनमें से 10 में धमाके हुए जबकि तीन को निष्क्रिय कर दिया गया। एनआईए के मुताबिक, धमाके लोगों को मारने के इरादे से किए गए थे। इसमें विदेशी श्रद्धालुओं विशेषकर बौद्धों को निशाना बनाया जाना था। ये धमाके बौद्धगया में दहशत फैलाने के लिए अंजाम दिए गए थे।
जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि आरोपी जुवेनाइल दोनों जगह धमाके करने की साजिश में शामिल था। पटना धमाकों के मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं बौद्धगया धमाकों में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एनआईए के मुताबिक, दोनों ही मामले अंतिम दौर में हैं और जल्द ही इनमें फैसला आने की उम्मीद है।