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SC: जस्टिस शेखर यादव को अपने विवादास्पद बयान पर सफाई पेश करने का मिलेगा मौका, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

Sun, 15 Dec 2024 04:37 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वकील और कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स के संयोजक प्रशांत भूषण ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना को एक चिट्ठी लिखी। उन्होंने सीजेआई से इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश के आचरण की इन-हाउस जांच की मांग की।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक समारोह में विवादास्पद बयान देने वाले जस्टिस शेखर कुमार यादव अपने रुख स्पष्ट करने के लिए जल्द सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सामने पेश होंगे। शीर्ष अदालत ने 10 दिसंबर को बयानों पर ध्यान और और इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से रिपोर्ट मांगी।
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एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश शेखर कुमार यादव द्वारा दिए गए भाषण की न्यूजपेपर के रिपोर्टों पर ध्यान दिया है। हाईकोर्ट से ब्योरा मंगवाया गया है।" बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम जिस न्यायाधीश के खिलाफ किसी विवादास्पद मुद्दे पर हाई कोर्ट से रिपोर्ट मांगती है तो उन्हें मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। 

जस्टिस यादव को अपना पक्ष रखने का मिल सकता है मौका
सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों ने बताया कि जस्टिस शेखर कुमार यादव को अपना पक्ष रखने का मौका मिल सकता है। आठ दिसंबर को आयोजित वीएचपी के एक समारोह में जस्टिस यादव ने कहा था कि समान नागरिक संहिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देना है। इसके एक दिन बाद ही उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। इसमें विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया भी शामिल थी। उन्होंने जस्टिस यादव के बयान पर सवाल उठाते हुए भाषण को घृणा करार दिया। 
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प्रशांत भूषण ने सीजेआई को लिखी चिट्ठी
वकील और कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स के संयोजक प्रशांत भूषण ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना को एक चिट्ठी लिखी। उन्होंने सीजेआई से इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश के आचरण की इन-हाउस जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि जज ने न्यायिक नैतिकता और निष्पक्षता और धर्मनिरपेक्षता के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन किया। 

सीपीआई(एम) नेता ने बताया शपथ का उल्लंघन
आठ दिसंबर को सीपीआई(एम) नेता बृंदा करात ने भी सीजेआई को चिट्ठी लिखकर जस्टिस यादव के भाषण को उनकी शपथ का उल्लंघन बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से कार्रवाई की मांग की। बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हाई कोर्ट के न्यायाधीश के बयान की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज से अपने बयान वापस लेने और माफी मांगने के लिए कहा। इसके साथ ही भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के सहयोगी जजों से इस मुद्दे पर सशक्त तरीके से निपटने की अपील की। 
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